जमीन का रिकॉर्ड नक्शा दुरुस्त कर जमीन वापस दिलाए जाने की कलेक्टर को अर्जी देकर गरीब किसान ने लगाई गुहार
शिवलाल यादव रायसेन
बागरी विदिशा निवासी गरीब किसान नर्बदी बेवा रामबक्श दुलीचन्द की पैतृक जमीन ग्राम पंचायत कांठ तहसील रायसेन में है। किसान नर्बदी बेवा रामबक्श ने कलेक्टर अरविंद दुबे को आवेदन देकर जमीन का रिकॉर्ड नक्शा दुरुस्त कर जमीन दिलाए जाने की गुहार लगाई है। कलेक्टर को दिए गए आवेदन में बताया गया है कि ग्राम कार्ड तहसीलवा जिला रायसेन पटवारी हल्का नंबर 29 में है। पह नंबर 29 के पटवारी द्वारा 29 जुलाई 1985 से खसरा नंबर 220 रकबा दो एकड़ लगान 3.12 रुपए शासकीय नाला लिखा पैतृक जमीन को एवं दूसरा खसरा नंबर 222 रकबा 7.32 एकड़ लगान 8.48 रुपये में से 2.82 रकबा बांटकर नया खसरा बनाया।222/377 करोड़ी आत्मज हीरा के नाम सेवा भूमि लेख पैतृक भूमि रायसेन एसडीएम साहब रिकार्ड दुरुस्त करने के लिए धारा 115 का आवेदन लगवा लिया इसके पश्चात 2 वर्ष तक पेशी करवा ली गई मेरे दादा पर दादा के पैतृक खसरा मंगवा लिए गए 1927 ,1940 ,1065 ,1985 के पैतृक फसलों की विधिवत जांच पड़ताल करवा ली गई। यह है कि आवेदन के की मां जानकी विवाह कृपाराम की जमीन है रायसेन एसडीएम साहब ने तहसीलदार रायसेन पटवारी अपर कलेक्टर रायसेन ने राजस्व विभाग के अधीक्षक महोदय ने इन पांचों अधिकारियों द्वारा मेरी फाइल नंबर 104 में प्रतिवेदन लगे हुए हैं। आवेदन की मां जानकी देव पति कृपाराम की पैतृक भूमि है दुखों की 4.82 एकड़ लगभग कीमत 50 लख रुपए की संपत्ति है विधिवत जांच करने के बाद ग्राम कार्ड तहसील रायसेन के पटवारी हल्का नंबर के पास जो अधिकार अभिलेख है 420 का बना हुआ है धोखाधड़ी करके यह रिकॉर्ड दूसरे के नाम दर्ज किया गया है।29 जुलाई 1985 से किसानों से प्रकरण चलवाते हैं। प्रकरण के आखिर में 420 के अधिकार अभिलेख से मिलान कर उन्हें उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है ।जो कि सरासर गलत है।आवेदिका के रहने खाने पीने की व्यवस्था भी नहीं है ।अभी वह भूमिहीन है। उसके परिवार का पालन पोषण का भी जिम्मा उसी के ऊपर है। इसलिए फिलहाल उसके पास आय का कोई सहारा नहीं है ।आवेदिका की मां जानकी बेवा पत्नी कृपाराम की दो खसरों की भूमि रकवा 4.82 एकड़ मेरे नाम पर दर्ज नहीं की गई है ।उसके परिवार के सदस्यों से लेकर परिजन एसडीएम रायसेन ऑफिस के सामने धरना देंगे। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।