न नदी बची और न नाले, जहां खाली देखी सरकारी जमीन वहां भी तन गए मकान
शिवलाल यादव
रायसेन।नदी तालाब और सरकारी जमीनों पर भू माफियाओं द्वारा हड़प कर अवैध कॉलोनियां रातोंरात तान दी गई है।जिम्मेदार राजस्व अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।
ये हाल है शहर का…..
रायसेन सिटी के आसपास नदी के आसपास की जमीन को अपनी बताकर कुछ कॉलोनाइजरों द्वारा अपनी बताकर मनमाने दाम पर बेची। जमीन खरीदने के बाद वहां प्लॉट खरीदने वालों ने मकान तो बना लिए। तालाबों और नदी की जमीन को घेरकर कई मकान बन गए हैं, अभी भी वहां प्लाटिंग करने में कॉलोनाइजर लगे हुए हैं।

इसके साथ ही भारत विहार, फेस1,2 ,संजय नगर के सामने नई कालोनी कॉलोनी गोपालपुर वार्ड4 जैसी जगह जहां नाले,सरकारी और श्मशान की भूमि तक बिक गई। दो दिन पूर्व ही में कांठ नरवर श्मशान पर बने अवैध निर्माण को लेकर कलेक्टर अरविंद दुबे से शिकायत हुई है,जिसमें अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा रायसेन के मुख्य बाजार से मिश्र तालाब घाट श्रीजी सिटी मेसरकारी कुएं गोहे की जमीन को पाटकर अवैध निर्माण हुआ देखा जा सकता है।वहीं गोल्डन सिटी वार्ड 4 गोहे कीसरकारी भूमि, नदी-नाले,तालाब की जमीन को घेरकर कहीं निर्माण हुआ है या अवैध कॉलोनी बनाई गई है।

जिला मुख्यालय जहां कलेक्टर और एसपी समेत राजस्व विभाग के अधिकारी बैठते हैं। इस सबके बाद भी यहां बीते डेढ़ दशक पूर्व अवैध कॉलोनियों के बनने का सिलसिला जो शुरू हुआ, वह रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सत्ता धारी सरकार से जुड़े राजनेता और कई प्रशासनिक अफसर भी जमीन के पेशे में आ गए हैं वे भी अवैध कॉलोनियों का निर्माण वैध जमीन पर ही नहीं बल्कि नदी तालाबों भुजरिया तालाब की जमीन सरकारी कुंए और श्मशान,पार्क और मंदिर पेटे की भूमि तक को घेरकर अवैध कॉलोनियां, आलीशान मकान और बहुमंजिला इमारतें व कॉम्पलेक्स बन गए।नदी-नाले और तालाब की भूमि पर जबरन अतिक्रमण कर लिया गया है।
इनका कहना है….
इसको दिखवाकर जल्द से जल्द अतिक्रमण तोड़ने कार्रवाई कराई जाएगी। पूर्व में दिए गए नोटिसों पर भी जल्द कार्रवाई होगी।
अरविंद दुबे कलेक्टर रायसेन