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रायसेन किले के सोमेश्वर महादेव के दर्शन पूजन के लिए शिवभक्तों की लगीं लंबी लंबी कतारें

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बोल बम बम बम भोले…. हर हर महादेव के गूंजे जयकारे,सुरक्षा के किए चाक चौबंद इंतजाम

शिवलाल यादव  रायसेन

रायसेन के ऐतिहासिक किले पर स्थित भगवान सोमेश्वर के मंदिर के खुले ताले ,प्राचीन शिवालय मन्दिर के पट खुलते ही शिव भक्तों की लंबी लाइनें जलाभिषेक पूजन दर्शन के लिए लगीं।रायसेन के ऐतिहासिक किले पर स्थित प्राचीन भगवान सोमेश्वर धाम मंदिर के ताले शुक्रवार को सिर्फ सालभर में एक बार महाशिवरात्रि पर्व के दिन 12 घंटे के लिए खोले गए। जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग की मौजूदगी में तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह ने मंदिर के ताले खोले।

आज दिन भर लगेगा महाशिवरात्रि पर्व पर हजारों भक्तों का रायसेन किले पर मेला साल में एक बार महाशिवरात्रि के दिन ही लगता है।भगवान सोमेश्वर महादेव मंदिर के पट खोले जाते हैं।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आज रायसेन के ऐतिहासिक किले पर स्थित भगवान सोमेश्वर धाम मंदिर के ताले पुरातत्व विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों की देखरेख में सुबह 6 बजे खोले गए मंदिर के ताले ।मन्दिर के पट खुलने के साथ पूजा अर्चना महाआरती की शुरुआत हुई ।यह पूजन पूरे धार्मिक विधि विधान के बीच रायसेन किले की सोमेश्वर धाम मन्दिर सेवा समिति द्वारा कराई गई।और बम बम भोलेबाबा हर हर महादेव के जयकारों से पूरा किला गूंज उठा ।जो शाम 6 बजे तक चलेगा ।

हम आपको यह बता दें कि यह ऐतिहासिक किला केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन होने के कारण भगवान भोलेनाथ 364 दिन इस किले के मंदिर में ताले में कैद रहते हैं तो वहीं महाशिवरात्रि पर्व के दिन महज 12 घंटे के लिए भगवान भोलेनाथ को कैद से आजादी मिलती है।पुरातत्व विभाग के अधीन आने के बाद जब इस रायसेन के ऐतिहासिक किले के सोमेश्वर महादेव मंदिर में ताले लगा दिए गए थे ।

शहर में तब सन 1972 में हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने एक जन आंदोलन चलाया था। जिसमें रायसेन किले के ताले खोलने के लिए युवाओं सहित आम जनता ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इसको देखते हुएमप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र शेट्टी ने 1974 में रायसेन के ऐतिहासिक किले पर पहुंचकर महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान भोलेनाथ को महज 12 घंटे के लिए आजादी और पूजा अर्चना की जो अनुमति दिलाई थी तब से लेकर आज तक महाशिवरात्रि के त्यौहार के दिन भगवान भोलेनाथ को रायसेन के सोमेश्वर धाम मंदिर में आजादी मिलती है। इस ऐतिहासिक किले पर महाशिवरात्रि के दिन मेला लगता है जिसमें हजारों की संख्या में भक्त रायसेन के ऐतिहासिक किले पर पहुंचते हैं ।अगर व्यवस्थाओं की बात करते हैं तो जिला व पुलिस प्रशासन की किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए चाक चौवन्द व्यवस्थाएं की जाती हैं।

अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जब रायसेन में शिव महापुराण कथा का वाचन करने आये थे तब उन्होंने रायसेन के ऐतिहासिक किले पर स्थितशिव मंदिर के ताले खोलने की मांग की थी। इसके बाद में मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की फायर बांड नेत्री साध्वी सुश्री उमा भारती भी गंगोत्री का जल कलश लेकर रायसेन के ऐतिहासिक किले पर पहुंची थी। लेकिन जिला प्रशासन ने पुरातत्व विभाग के अधीन होने के मंदिर के ताले खोलकर जल चढ़ाने की अनुमति नहीं दी थी ।तब से लेकर एक बार फिर रायसेन के ऐतिहासिक के स्थिति इस मंदिर के ताले खोलने की मांग चल रही है।यह सोमेश्वर महादेश मन्दिर देशभर में जन चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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