सुरेन्द्र जैन सांकरा रायपुर
बर्तमान के वर्धमान महातपस्वी दिगंबर जैन आचार्यश्री विद्यासागरजी के यम सल्लेखना से देह त्यागने के सातवें दिन देशभर में रविवार दोपहर 1 बजे से विनयांजलि दी जा रही थी छत्तीसगढ़ में भी राजधानी रायपुर चन्द्रगिरि तीर्थ सहित प्रदेशभर में विनयांजलि सभाएं हो रही थी रायपुर के तिल्दा नेवरा में भी आयोजन की तैयारी चल रही थी इस दौरान ऐंसा वाक्या हुआ कि सब देखकर दंग रह गए।

हुआ यूं कि विनयांजलि देने तिल्दा नेवरा में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले वानर सेना ही विनयांजलि देने पहुच गयी.देशभर की तरह 1 बजे से विनयांजलि कार्यक्रमानुसार तिल्दा में भी तैयारियां की जा रही थी.अचार्यश्री को धरती का देवता चलते फिरते तीर्थ मानने वाले लोगो ने जैंसे ही आचार्यश्री की तस्वीर टेबिल पर रखकर अन्य व्यवस्थाएं बनाना शुरू किया बेंसे ही कुछ वानरों की सेना वहां पहुच गयी.एक एक कर यह वानर सेना पूज्य आचार्यश्री की तस्वीर के पास टेबिल के ऊपर तक गई.जैंसे ही समाज के बन्टी जैन की नजर इस पर पड़ी तो उन्होंने मोबाइल से कुछ इसकी कुछ तस्वीरें ली.यहां यह बताना लाजमी होगा कि आचार्यश्री विद्यासागरजी महामुनिराज के तप काल के जीवन का उनके सानिध्य में अंतिम पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव हाल ही के दिनों में तिल्दा नेवरा में संपन्न हुआ था.तिल्दा नेवरा में जिस तरह सभी वर्ग के लोगो ने तन मन धन से समर्पित होकर गुरुजी के सानिध्य में ऐतिहासिक पंचकल्याणक कराया उसकी गुरुजी यानी आचार्यश्री ने मुक्तकंठ से प्रशंसा कर आशीर्वाद दिवा था ओर जिस 18 फरवरी दिन रविवार को 2018 में आचार्यश्री ने तिल्दा नेवरा में मन्दिर का भूमिपूजन किया था उसी दिन रविवार तारीख 18 में 2024 में चन्द्रगिरि में यम सल्लेखना से देह त्यागी है।