मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज में बुधवार को सरस्वती पूजा नहीं करने पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।
ग्रामीणों और हिंदू संगठनों द्वारा स्कूल में सरस्वती पूजन नहीं करने देने पर हिंदू संगठनों और ग्रामीणों ने स्कूल प्रांगण में विरोध जताया। बुधवार को जहां पूरे देश में सरस्वती की पूजा अर्चना हो रही थी वही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीवानगंज में कुछ ग्रामीण स्कूल प्रांगण में बने सरस्वती मंदिर की पूजा करने पहुंचे तो प्रिंसिपल टी डी मेश्राम ने पूजन करने से ग्रामीणों को मना कर दिया। जिससे ग्रामीण ने विरोध जताया। ग्रामीणों द्वारा अपने घर वालों और अन्य ग्रामीणों को इस विषय में बताया तो दीवानगंज और अंबाडी के ग्रामीण और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता इकट्ठा होकर स्कूल प्रांगण में पहुंच गए। ग्रामीण और हिंदू संगठनो द्वारा अपना विरोध जताते हुए श्री राम के नारे और सरस्वती की जय, भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारे पूरे स्कूल में

गुजने लगे। स्कूल के कुछ बच्चों द्वारा बताया गया है कि कई वर्ष पहले स्कूल में सरस्वती जी की मूर्ति स्थापित की गई है। बसंत पंचमी पर सरस्वती की पूजा पहले से ही होती आ रही है। मगर इस साल पूजा नहीं करने से मना कर दिया गया जिससे विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। कपिल कुशवाह सहित कई बच्चों का कहना है की एम एल अहिरवार सर तिलक लगाने से मना करते हैं उनके मोबाइल पर प्रिंसिपल का फोन आया था की पूजा नहीं करने दे कहते हैं कि इन सबसे कुछ नहीं होता है सब विज्ञान है। कोई बच्चा तिलक लगा कर आ जाता है तो पूरे स्कूल में उसकी तीलकधारी तिलकधारी कहकर चिढ़ाते हैं। कहते है कि अगर इस तरह से स्कूल आओगे तो स्कूल से भगा दिया जाएगा। इसलिए सारे बच्चे स्कूल में तिलक लगाकर नहीं आते हैं।

इनका कहना हे –
मुझे जैसे ही पता चला कि स्कूल में सरस्वती जी की पूजा अर्चना नहीं करने दी जा रही है तो मैं तुरंत स्कूल पहुंचा वहां से डीईओ साहब को फोन लगाया डीईओ साहब द्वारा प्रिंसिपल को फोन लगाकर पूजा अर्चना करने की इजाजत दी गई इसके बाद विधि विधान से सरस्वती जी की पूजा अर्चना की गई। मुझे इससे पहले भी कई बार स्कूल में हिंदू विरोधी गतिविधियों की जानकारी मिलती रही है। हम चाहते हैं कि अगर ऐसी कोई स्कूल में गतिविधि हो रही है तो उस पर ठोस कार्रवाई होना चाहिए।
गिरजेश नायक दीवानगंज सरपंच
मैं और मेरे साथ कुछ ग्रामीण सुबह स्कूल में सरस्वती जी की पूजन अर्चना करने आए थे तो एमएल अहिरवार के मोबाइल पर प्रिंसिपल ने फोन लगाकर पूजा अर्चना करने से मना कर दिया कहने लगे की पूजा अर्चना नहीं होगी जिसका हम लोगों ने विरोध जताया। बाद में विधि विधान से सरस्वती जी की पूजा अर्चना की गई।
धर्म जागरण जिला सहसंयोजक गजेंद्र ठाकुर
मैं कई बरसों से दीवानगंज स्कूल में प्रिंसिपल हूं मैंने कभी सरस्वती जी की पूजा करने से मना नहीं किया है हर साल मैं खुद ही सरस्वती जी की पूजा करवाता हूं इस वर्ष मेरी ड्यूटी पेपरों में कहीं और लगी है मैंने पूजा करने से मना नहीं किया है स्कूल में कई शिक्षक ऐसे हैं जो बच्चों को पढ़ाते नहीं है। दिन भर बैठे रहते हैं मैं कहता हूं तो मुझे पर रोप दिखाते हैं मैंने स्कूल को अच्छा बनाने के लिए कई वर्षों से मेहनत कर रहा हूं मगर कुछ लोग मुझे टारगेट कर रहे हैं मेरा रिटायरमेंट होने का समय आ गया है मैं ऐसा क्यों करूंगा।
टी डी मेश्राम दीवानगंज प्राचार्य