– बेगमगंज कॉलेज में योग-मेडिटेशन
रायसेन। सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के योग विभाग की टीम आज बेगमगंज के पं. दीनदयाल उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय पहुंची। सांची विश्वविद्यालय के योग एवं आयुर्वेद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र बाबू खत्री और उनकी टीम ने योग के विभिन्न आसनों एवं क्रियाओ के बारे में विस्तार से विद्यार्थियों को बताया। इस अवसर पर डॉ. खत्री ने कहा कि योग तभी योग होता है जब वह व्यवहार में लाया जाए।

टीम ने छात्रों को शारीरिक विकास के लिए आसन, मानसिक विकास के लिए प्राणायाम एवं ध्यान, भावनात्मक विकास के लिए सजगता से अवगत कराया। कफ रोग के शमन हेतू जलनेति, पित्त रोग के शमन हेतू कुंजल एवं दण्ड, वात रोग के शमन हेतू शंख प्रक्षालन नामक क्रियाएं बताई। टीम ने छात्रों को सनातन वेद, पुराण, उपनिषद आदि के माध्यम से योग के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

महाविद्यालय के प्राचार्य श्रीमती कल्पना जांभुलकर ने कहा कि छात्रों को योग अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। कॉलेज में सीखने के बाद छात्र इसकी प्रेक्टिस कर जब दैनिक जीवन में इसे उतारेंगे तो उन्हें हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।