ग्वालियर। ग्वालियर चंबल अंचल में कड़ाके की सर्दी के बीच मंगलवार सुबह कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी। ग्वालियर में सुबह चार बजे के बाद चार घंटे में ही लगभग एक इंच बारिश हुई। भितरवार और मुरैना में कुछ जगह पर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ।
मौसम वैज्ञानिक एसएन साहू का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर बुधवार को भी रहेगा। जिसके कारण सुबह के समय मध्यम घना कोहरा रहेगा, और ग्वालियर में भी ओलावृष्टि हो सकती है। गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर कम रहेगा। कोहरे के साथ कुछ स्थानों पर मामूली बूंदाबांदी ही रहेगी। शुक्रवार से आसमान से बादल छट जाएंगे और बारिश की आशंका भी समाप्त हो जाएगी।
मंगलवार की सुबह बारिश और घना कोहरे को देख लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। सुबह साढ़े आठ बजे तक 23.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। जिसके बाद शाम तक रुक रुक कर बारिश होती रही और इस बीच रात साढ़े आठ बजे तक 7.5 मिलीमीटर बारिश और हुई। दिन के तापमान में 6 डिग्री की कमी आ गई और रात का तापमान 2.6 डिग्री बढ़ गया।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री दर्ज किया गया। हवा में नमी 98 प्रतिशत रही, जबकि हवा की रफ्तार सामान्य रही।
ग्वालियर चंबल अंचल के मुरैना जिले के सबलगढ़ व रामपुर क्षेत्र के कई गांवों में आंधी के साथ ओले गिरे, फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। ओलों से सरसों, गेहूं, चना की फसल को भारी नुकसान हुआ है। करीब पांच से सात मिनट तक चने से लेकर अंगूर के आकार के ओले तेज रफ्तार में गिरे। चना व गेहूं के पौधे खेतों में पसर गए। किसानों के अनुसार गेहूं व चना की फसल को भी 50 से 80 प्रतिशत तक नुकसान है। सबगलढ़ में 14 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, वहीं मुरैना में 10 मिलीमीटर बारिश हुई।
भिंड में मंगलवार की सुबह करीब सात बजे तेज बारिश शुरू हो गई। दिनभर धूप न निकलने की वजह से लोगों को गलन भरी सर्दी का अहसास हुआ। जिलेभर में 8.9 एमएम दर्ज की गई है। शिवपुरी में मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और रिमझिम बारिश होने लगी। करीब आधा घंटे तक हुई बारिश ने पूरे मौसम में ठंडक घोल कर रख दी।