रामभरोस विश्वकर्मा,ओबेदुल्लागंज रायसेन
मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास करती है भारी भरकम बजट शिक्षा पर खर्च भी करती मगर शिक्षा के हाल बेहाल दिखाई नजर आ रहे हैं आपको बता दें कि और रायसेन जिले के अंतर्गत आने वाली भोजपुर विधानसभा के तहत तामोट संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में 4:00 बजे ही ताला डाल जाता है जब इसकी जानकारी तामोट संकुल प्रभारी माधमी शर्मा को स्कूलों की लापरवाही से अवगत कराया तो सही जवाब देने की जगह गोल मोल जवाब देती दिखाई नजर आई शिक्षको की लापरवाही पर कार्यवाही की जगह पर्दा डालती दिखाई नजर आई वही कहा की 4 बजे ही स्कूल बंद हो जाते है।पर केमरे पर बोलने से कतरा रही थी।बोल रही थी। की में केमरे पर नही बोल सकती हु।इससे आप अंदाजा लगा सकते है।की 10,30 बजे स्कूल खुलते है।और 4,30 पर बंद होते है।इसके बाद भी 4 बजे शिक्षक स्कूल बंद कर देते है।जिससे तामोट संकुल प्रभारी माधमी शर्मा की लापरवाही साफ दिखाई नजर आती है।
उचित मात्रा में नही मिल रहा मध्यान भोजन
शासकीय प्राथमिक शाला घाना में बच्चों ने जानकारी देते हुए बताया कि हमें दो रोटी ही दी जाती है इसके अलावा रोटी नहीं दी जाती
वही आपको बता दें कि 4:00 बजे शासकीय स्कूल घाना सहित अन्य स्कूलों में ताला डल जाता है। इस लापरवाही पर न ही जनशिक्षक कमलेश कुमार रजक ध्यान देते है।और न ही संकुल प्रभारी माधमी शर्मा जिसके कारण स्कूलों में लापरवाही बड़ी जाती है। जब बच्चों से पूछा गया कि स्कूल कितने बजे लगता है तो बच्चों ने बताया की स्कूल 4:00 बजे बंद हो जाता है।
ओनेडलागंज जनशिक्षा केंद्र के अंतर्गत आने वाले अधिकांश स्कूल में इस प्रकार की समस्या सामने आती है। शिकायत भी होती है। पर अधिकारी कार्यवाही नही करते है। शासकीय स्कूलों में हो रही लापरवाही को देखते हुए अब बाल आयोग के कानून गो को इस लापरवाही से अवगत कराया जाएगा की किस प्रकार बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
इनका कहना है
आपके द्वारा जानकारी दी है। कि जनपद शिक्षा केंद्र ओबेदुल्लागंज के अंतर्गत आने वाले तामोट संकुल के अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला घाना में शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है। शाला प्रभारी महेश धुर्वे समय पर स्कूल नहीं पहुंचते जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
एम एल राठौरिया जिला शिक्षा अधिकारी रायसेन
मध्य प्रदेश की सरकार एक बड़ा बजट शिक्षा पर खर्च करती है।पर शिक्षा का स्तर आज तक नही सुधर पाया है।सबसे बड़ी लापरवाही शिक्षको की होती है।शिक्षक समय पर स्कूल नही खोलते है। और समय से पहले बंद कर देते है।जिसके कारण बच्चो की शिक्षा प्रभावित होती है।बच्चो का भविष्य भगवान भरोसे है।
परेश नागर कांग्रेस नेता
शासकीय स्कूलों में शिक्षकों को भारी भरकम वेतन सरकार द्वारा दिया जाता है। पर शिक्षक छे घंटे भी बच्चों को नहीं पढ़ पाते 4 से 5 घंटे ही स्कूल लगता है। इस लापरवाही को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा कड़े कदम उठाने चाहिए जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
सुबेग सिंह शीतल आम आदमी पार्टी