देवेंद्र तिवारी सांची रायसेन
सांची की जर्जर सड़कों की किस्मत तब खुली थी जब इस स्थल से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरा था तब राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने सड़कों को पक्का एवं चौड़ी कर दुर्घटना से बचाव के लिए छोटे वाहन एवं पैदल चलने वालों के लिए सर्विस रोड निर्माण कराये थे जिससे लोग सुरक्षित रहकर दुर्घटना से बचाव कर सकें परंतु इस स्थल पर पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को बीचोंबीच खोद डाला गया जिससे पक्की सड़क तहस-नहस हो गई एवं पानी गिरते ही सड़कों पर दल-दल जैसी स्थिति बनने लगी ।
जानकारी के अनुसार इस विश्व विख्यात पर्यटक स्थल की सड़क जर्जर हालत में पहुंच चुकी थी तब इस स्थल से राष्ट्रीय राजमार्ग निकाला गया था तब नगर से गुजरने वाली सड़क का कायाकल्प राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण विभाग द्वारा बदल दिया गया था तथा पक्की सड़क निर्मित की गई थी जिससे कम एवं लंबी दूरी के वाहनों को सुविधा उपलब्ध हो सके । वैसे भी इस स्थल से गुजरी सड़क पर कम एवं लंबी दूरी के छोटे बड़े वाहनों की संख्या हजारों में पहुंच गई है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण वाहनों की रफ्तार भी तेज रहती है इससे पैदल चलने वाले एवं छोटे वाहनों को अनहोनी से बचाव के लिए निर्माण एजेंसी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर सर्विस रोड निर्मित किए गए थे जिससे हजारों की संख्या में छोटे वाहन सुरक्षित इन सर्विस रोड पर चलते चले आ रहे थे परन्तु अब इस स्थल पर पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया गया एवं पाइप लाइन बिछाने के लिए पहले बसस्टेंड परिसर की सड़कों की खुदाई कर पाइप लाइन बिछाई गई अब राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया तब इस पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कों को बीचोंबीच खुदाई कर पाइप लाइन बिछाई जा रही है जबकि सर्विस रोड किनारे से भी पाइप लाइन बिछाई जा सकती थी बावजूद इसके पक्की सड़कें तहस-नहस हो चुकी है तथा सड़कों पर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा लगाई गई करोड़ों रुपए की राशि को पाइप लाइन निर्माण एजेंसी ने चूना लगा दिया जिसका खामियाजा लोगों को भुगतने पर मजबूर होना पड़ रहा है हाल ही में मावठे की बारिश से पक्की सड़क दल-दल बन उठी थी अब राष्ट्रीय राजमार्ग को पाइप लाइन निर्माण एजेंसी लगातार तहस-नहस करने पर तुली हुई है इस ओर न तो प्रशासन न ही शासन न ही राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण विभाग को ही सुध लेने की फुर्सत मिल सकी है। हालांकि इन सड़कों को साफ-सुथरा बनाये रखने का काम नगर परिषद प्रशासन के जिम्मे है तथा पक्की सड़कों की सफाई होने पर स्वच्छता दिखाई देने लगी थी परन्तु अब खोदकर छोड़ी गई सड़कों पर सफाई कर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है बावजूद इसके खुदी पड़ी सड़कों से इस विख्यात की सुंदरता भी तहस-नहस हो कर रह गई है ऐसा भी नहीं है कि पाइप लाइन बिछाने के बाद भविष्य में लाइन के सुधार कार्य होने पर पुनः सड़कों की खुदाई से भी इंकार नहीं किया जा सकता जिससे शासन की लाखों करोड़ों रुपए की राशि को पलीता लग सकता है सड़कों की खुदाई होने से लोगों को अभी से परेशानी उठानी पड़ने लगी है परन्तु जिम्मेदार इन पक्की सड़कों की खुदाई से अनजान बने बैठे हैं । तथा नगर वासियों को पक्की सड़कों से महरूम करने का कवायद तेजी से चल रही है।