– भाजपा छोड़ने वाले पूर्व सिंधिया समर्थक बैजनाथ यादव ने कहा कि कोलारस से होगी हमारी जीत
– कोलारस में है यादव वर्सेस यादव मुकाबला
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए गए बैजनाथ सिंह यादव ने अपनी जीत का दावा किया है। एक चर्चा के दौरान कोलारस से कांग्रेस प्रत्याशी बैजनाथ यादव ने कहा की लाडली बहना का 5 प्रतिशत ही असर है लेकिन फिर भी कई पात्र हितग्राहीं महिलाएं इस योजना में शामिल नहीं हो पाईं इसके कारण उनमें नाराजगी है। जिसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। उन्होंने कोलारस विधानसभा सीट से अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि वह 20 हजार से ज्यादा मतों से जीतेंगे। बैजनाथ सिंह यादव पहले सिंधिया समर्थक नेताओं में गिने जाते थे और वह कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भी रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था लेकिन वहां पर ज्यादा पूछपरख ना हो पाने के कारण उन्होंने बीते दिनों भाजपा से त्यागपत्र दे दिया और कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद कांग्रेस ने अब इन पूर्व सिंधिया समर्थक नेता को कोलारस से अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है।
मुझे मिला है 75 प्रतिशत यादवों का वोट –
कांग्रेस प्रत्याशी बैजनाथ सिंह यादव के खिलाफ भाजपा ने भी महेंद्र यादव को टिकट दिया है। इस तरह से कोलारस सीट पर यादव वर्सेस यादव का मुकाबला हो गया है लेकिन वहीं दूसरी ओर बैजनाथ सिंह यादव ने दावा किया कि उन्हें इस विधानसभा क्षेत्र के 75 प्रतिशत यादवों का वोट मिला है क्योंकि उनकी जाति के लोग भाजपा प्रत्याशी महेंद्र यादव से परेशान थे। खासकर उनके दामाद द्वारा किए गए कृत्य उनके लिए परेशानी का कारण बन गए। उन्होंने दावा किया कि उनकी समाज के 75 प्रतिशत वोट उन्हें मिले हैं। बैजनाथ सिंह यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में जनता परेशान थी भ्रष्टाचार चरम पर है, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग में सब जगह भाजपा के एजेंट के तौर पर अधिकारी कम कर रहे हैं जिन्हें भाजपा नेताओं का संरक्षण है।
ज्योतिरादित्य ने बनाया था इसलिए मैंने तुरंत उनके कहने पर इस्तीफा दे दिया था-
भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले सिंधिया समर्थक नेता रहे बैजनाथ सिंह यादव ने बताया कि जब वह कांग्रेस में थे तो उन्हें कांग्रेस का जिला अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बनाया था। जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए तो उनके कहने पर उन्होंने कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया क्यों कि उन्होंने ही मुझे बनाया था लेकिन भाजपा में जाने पर वहां पर मेरी ज्यादा पूछपरख नहीं हुई तो मैंने बीजेपी छोड़ दी।