17 नवंबर को वोटिंग होगी तीन दिसंबर को रिजल्ट आएंगे
नईदिल्ली। निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश में चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। मप्र में एक चरण में ही चुनाव होंगे। चुनाव की अधिसूचना 21 अक्टूबर को जारी होगी। 30 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख है। 31 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। दो नवंबर तक प्रत्याशी नाम वापस ले सकते हैं। 17 नवंबर को वोटिंग होगी। तीन दिसंबर को रिजल्ट आएंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि पांच दिसंबर तक चुनाव की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि आयोग की तरफ से चुनाव को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। पूरे मध्यप्रदेश में पांच करोड़ 61 लाख 36, 239 मतदाता हैं। वोट ईवीएम से डाले जाएंगे। इसके साथ ही संवेदनशीलों जगहों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की जाएगी। मप्र में विधानसभा का कार्यकाल 6 जनवरी 2024 को खत्म हो रहा है। प्रदेश में कुल 230 विधानसभा की सीटें हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि एक चरण में चुनाव होंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मप्र में 148 सामान्य, 35 एससी और 47 सीटें एसटी के लिए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 5.6 करोड़ वोटर्स हैं। एमपी में आदिवासी समुदाय के सहरिया, बैगा जनजाति के वोटर्स बढ़े हैं। साथ ही प्रदेश में 60 लाख नए वोटर्स इस बार शामिल हो रहे हैं। ये सभी 18 प्लस के हैं। पांचों राज्यों में 2900 यंग कर्मचारी चुनाव को मैनेज करेंगे। मप्र में जेंडर रेशो बढ़ा है। हम नए वोटर्स को पोलिंग स्टेशन तक लाने के सारे प्रयास कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश में 84, 523 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। शहरी श्रेत्र में 16763 और ग्रामीण क्षेत्र में 47760 हैं। इसके साथ ही 15000 मॉडल बूथ बनाए गए हैं। 35000 पोलिंग स्टेशन पर वेब कास्टिंग की सुविधा है। वहीं, एमपी में 5000 पोलिंग बूथों को महिलाएं मैनेज करेंगी। बुजुर्ग वोटर्स अपने घर से वोट दे सकते हैं। उन्हें इसके लिए 12 डी फॉर्म भरना होगा। इसके साथ ही इस बार बफर जोन में भी पोलिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में पिपरिया और मंडला में ऐसे केंद्र बनाए गए हैं।
इसके साथ ही चुनाव से संबधित कोई शिकायत है तो सी विजिल के माध्यम से आप अपनी बात रख सकते हैं। 100 मिनट में आपको मदद मिलेगी। इसके साथ ही आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को तीन बार अपने इलाके में पेपर के जरिए अपने अपराधों की जानकारी देनी होगी। साथ ही सियासी दलों को भी बताना होगा कि उन्हें इनके सिवा कोई उम्मीदवार नहीं मिला है। इसके साथ ही सियासी दलों को अपने चंदे के बारे में जानकारी देने के लिए एक समय निर्धारित की गई है।
मप्र में पांच राज्यों के बॉर्डर पर कुल 315 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। ये सभी चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार काम करेंगे। साथ ही सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम करेंगी। इसके साथ ही कार्गो मूवमेंट की भी चेकिंग होगी। रेलवे और पोस्टल डिपार्टमेंट के जरिए भी जांच होगी। ऑबजर्वर प्राइवेट गाड़ियों में नहीं बैठेंगे।