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सीएम ने कहा था नहीं हटेंगे अतिथि शिक्षक, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया अतिथि शिक्षकों को हटाने का आदेश

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आदेश की कापी लेकर पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने लगाई कलेक्टर से गुहार
अतिथि शिक्षकों का कहना पिछले 15 सालों से शासकीय शालाओं में अल्प मानदेय पर दे रहे सेवाएं

अनुराग शर्मा सीहोर

लोक शिक्षण संचनालय मध्यप्रदेश द्वारा तीन अक्टूबर को अतिथि शिक्षकों को नियमित शिक्षक आ जाने के कारण कार्य मुक्त किए जाने के आदेश से अतिथि शिक्षकों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कहा कि सीएम ने कहा था नहीं हटेंगे अतिथि शिक्षक और विभाग ने हटाने का आदेश जारी किया है। जिससे हम लोग परेशान है। मध्यप्रदेश के समस्त अतिथि शिक्षक विगत 15 सालों से शासकीय शालाओं में अल्प मानदेय में अपनी सेवाये देते हुए आ रहे है।
वहीं सीएम शिवराज सिंह द्वारा अतिथि शिक्षकों को न हटाने की घोषणा को स्कूल शिक्षा विभाग ने ठेंगा दिखा दिया है। कैबिनेट ने भी इस घोषणा को मंजूरी दे दी है। अब विभाग ने सभी जिलों के डीईओ, बीईओ और संकुल प्राचार्यों ने इस मामले में नया आदेश जारी कर अतिथि शिक्षकों में विरोध की स्थिति पैदा कर दी है। संचालक स्कूल शिक्षा ने आदेश जारी कर कहा है कि जिन स्कूलों में नियमित शिक्षक पदस्थ हो चुके हैं वहां अतिथि शिक्षकों को हटाने का काम कर शासन को इसकी सूचना दें अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। पिछले माह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो सितंबर को अतिथि शिक्षकों के सम्मेलन में घोषणा की थी कि पहले अतिथि शिक्षकों का अनुबंध बीच में खत्म कर दिया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अतिथि शिक्षकों का एक बार अनुबंध हो गया तो वह पूरे साल चलेगा। उन्हें कभी भी हटाकर बीच में गैप नहीं किया जाएगा जिससे अतिथि शिक्षक बिना किसी डर के बच्चों को अच्छे से पढ़ा सकें। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कैबिनेट ने भी इसे मंजूरी दे दी थी लेकिन अब स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त की ओर से जारी आदेश के बाद गफलत की स्थिति बन गई है।
संचालक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश।
संचालक लोक शिक्षण द्वारा जारी आदेश में 2 फरवरी 2023 के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि नियमित शिक्षकों की उपस्थिति उपरांत बुलाए गए अतिथि शिक्षकों के आनलाइन बिल जनरेट करके कार्यमुक्त करने के निर्देश तब दिए गए थे। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि अतिथि शिक्षक पोर्टल पर प्राप्त जानकारी के मुताबिक नियमित शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति के बाद भी संकुल प्राचार्यों द्वारा अतिथि शिक्षकों को जीएफएमएस पोर्टल से कार्यमुक्त नहीं किया गया है। यह शासन के आदेश की अवहेलना और घोर अनियमितता का द्योतक है। इसलिए सभी संकुल प्राचार्यों को निर्देशित किया जाता है कि जिन विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियमित शिक्षकों की पदस्थापना हो चुकी है, ऐसे विद्यालयों से अतिथि शिक्षकों के आनलाइन बिल जनरेट कर दो दिन में कार्यमुक्त करें। ऐसा न किए जाने पर और भविष्य में ऐसे मामले सामने आने पर संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इस आदेश की कापी लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और गुहार लगाई है।

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