‘सिद्ध चक्र विधान में भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम’
श्रीपाल मैना सुंदरी बनी श्रीमती मीरा नवीन जैन
प्रकाश जैन बाड़ी रायसेन
नगर बाड़ी कला में स्थित 1008 श्री आदिनाथ अतिशय क्षेत्र पर बाल ब्रह्मचारी नवीन भैया जी ,बाल ब्रह्मचारी आशुतोष भैया जी जबलपुर विधानाचार्य की वाणी में तथा संगीतकार अंकित जैन गुना पार्टी बालों के सहयोग से श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन हो रहा है। अनादिकाल से संसार चक्र में भ्रमण करने वाला अष्ट कर्मो की बेड़ी में बंदी आत्मा कर्मो से मुक्त हो कर ही सिद्ध अवस्था को प्राप्त करता है। संसार सागर से पार होने के लिए भक्ति ही नौका के समान सबल निमित्त है।
विधानाचार्य ब्रह्मचारी नवीन भैया जी ने बताया कि सिद्ध चक्र विधान में भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम है। उनके अनुसार विधान में सिद्धों की श्रेणी में शामिल होने के लिए नियम, उपाय आदि बताए गए हैं। उनके गुणों का वर्णन भिन्न-भिन्न तरह से किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस अनुष्ठान में सिद्ध परमेष्ठी के गुणों की भक्ति के साथ-साथ 64 मंत्रो के माध्यम से 64 ऋषि धाम, 128 मंत्रों से पाप दहन विधान, 256 मंत्रों से कर्म दहन विधान, 512 मंत्रो से बृहद पंच परमेष्ठी विधान तथा 1024 मंत्रो से विधान करने का सौभाग्य सहज ही मिल जाता है। यह सिद्ध चक्र विधान अध्यात्म का दिशाबोध कराने वाला तथा भक्ति, चिंतन एवं मनन करने से कर्म बंध रहित अवस्था को प्राप्त करने का पर्याप्त साधन है।
उन्होंने बताया कि इसी विधान के माध्यम से राजकुमारी मैना सुंदरी ने अपने पति राजकुमार श्री पाल के साथ 700 कुष्ट रोगियो का कुष्ट रोग दूर कर सिद्ध भक्ति की महिमा का साक्षात प्रमाण दिया था। विधान के साथ-साथ विश्व शाँति महायज्ञ जाप्य मंत्र भी किया जा रहा है। इस विधान में ,स्वाधर्म इंद्र दसरथ श्रीमती काजल जैन, श्रीपाल मैना सुंदरी नवीन श्रीमती मीरा जैन,कुबेर प्रवीण श्रीमती अनुप्रिया जैन,महायज्ञ नायक नीरज श्रीमती निहारिका जैन,यज्ञ नायक संजय श्रीमती मोना जैन बेगमगंज, चक्रवर्ती नीतेश श्रीमती ज्योति जैन,बाहुवली प्रवीण श्रीमती प्रीती जैन,ईशान इंद्र प्रकाश श्रीमती क्रांति बाई जैन,सनत कुमार राजेश श्रीमती आकांक्षा जैन,माहेन्द्र इंद्र पंकज श्रीमती स्वेता जैन, महामंडलेश्वर प्रदीप जैन ,मंडलेश्वर प्रशांत जैन ने पात्र बन धर्म लाभ अर्जित किया आयोजन में सकल दिगम्बर जैन समाज बाड़ी ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया ।यह श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान स्वर्गीय बुद्धूलाल जैन पूर्व सरपंच बाड़ी तथा स्वर्गीय कोमल चन्द जैन पूर्व सरपंच रानीपुरा की स्मृति में उनके परिवार द्वारा कराया जा रहा है जिसे सकल जैन समाज उत्साह पूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ उठा रही है।