अनुराग शर्मा सीहोर
तमाम दावे ओर भारी भस्टाचार के बीच फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) तकनीक से बनने वाली तकरीबन 30 करोड़ की जिला मुख्यालय सीहोर को श्यामपुर से जोड़ने वाली सड़क पहली बारिश में उखड़ गई इस सड़क को लेकर बनाने वाली कंपनी दावा कर रही थी कि एफ डी आर तकनीक से बनने वाली ये सड़क प्रदेश की पहली सड़क है जो आम सड़को से दो गुना मजबूत होती है आज मानसून की पहली बारिश ने सड़क निर्माण कंपनी के तमाम दावों की पोल खोल दी सड़क पर जगह जगह दरारे नजर आने लगी वही सड़क निर्माण कंपनी द्वारा बनाई गई पुलिया भी धंस गई जिसके चलते सीहोर का श्यामपुर से सड़क संपर्क टूट गया वही करीब 30 से अधिक गाँव के लोगो को भी सीहोर आने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा
सड़क निर्माण कंपनी ने दावा किया था कि इस तकनीक का उपयोग कर उत्तरप्रदेश और तेलंगाना में इस पद्धति से सड़क बनाई जा चुकी हैं ओर इस तरह की सड़क बनाने में सामान्य सड़को के मुकाबले आधी लगात आती है
सीहोर श्यामपुर के बीच बनाई जा रही 24.30 किमी लंबी इस सड़क को बनाने में 30 करोड़ रुपए खर्च किये गए । इसे फुल डेप्थ रिक्लेमेशन यानि एफडीआर तकनीक से बनाया जा रहा है। यह सड़क इस तकनीक से बनने वाली प्रदेश की पहली सड़क थी जो अब पूरी तरह उखड़ चुकी है जगह जगह इसमे दरारे आ गई है पुलिया धस चुकी है।