Let’s travel together.

चाणक्य नीति-इन तीन कार्यों के साथ दिन की शुरुआत करना अच्छा नहीं रहता

0 73

महान प्राचीन ग्रंथ अर्थशास्त्र के रचयिता आचार्य चाणक्य यानी कौटिल्य की बुद्धि का लोहा हर कोई मानता है। प्राचीन काल में चाणक्य ने देश काल और परिस्थिति को देखते हुए कई बातें लिखी हैं। उन बातों कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें लोग आज भी मानते हैं। ऐसी खास बातों में से चाणक्य ने यह भी बताया है कि सुबह किस प्रकार से दिनचर्या की शुरुआत करें जिससे कि पूरा दिन अच्छा गुजरे। उन्होंने तीन बातों का जिक्र किया है जिन्हें व्यक्ति को बेड छोड़ने के साथ ही नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इन तीन कार्यों के साथ दिन की शुरुआत करना अच्छा नहीं रहता।

जानते हैं कौन सी हैं वो बातें

1- सुबह उठते ही न देखें दर्पण-बहुत से लोगों के बेडरूप में शीशा लगा होता है और वे उठते ही सबसे पहले उस शीशे पर अपना चेहरा देखते हैं। चाणक्य के अनुसार, ऐसा करना एक बुरी आदत होती है। ऐसा करने से मन में नकारात्मक भाव आते हैं और पूरे दिन नकारात्मकता के विचार उसका पीछा नहीं छोड़ते। माना जाता है कि सोकर उठते ही आपका चेहरा आपको अच्छा नहीं लगेगा या इससे देखने से मन में नकरात्मक ऊजा आएगी।

2- दूसरों का चेहरा न देंखें- सुबह उठते ही न करने वाले कामों में दूसरों का चेहरा न देखना भी शामिल है। चाणक्य के अनुसार भगवान को ध्यान करते हुए जो व्यक्ति बिस्तर छोड़ता है उसका पूरा दिन अच्छ गुजरता है। सुबह-सुबह किसी पुरुष या महिला का चेहरा नहीं देखना चाहिए।

3- जानवरों लड़ाई-आजकल लोग वाट्एस या सोशल मीडिया या टीवी पर जानवरों की लड़ाई या देखते रहते हैं। लेकिन आचार्य चाणक्य की मानें तो यदि सुबह -सुबह दो जानवरों जैसे कुत्ता, बिल्ली आदि की लड़ाई दिखती है तो यह अशुभ है। माना जाता है कि ऐसा दिखने से दिन संकटमय हो सकता है। इसके लिए सुबह की शुरुआत अच्छी और सकारात्मक बातों से करनी चाहिए। शायद यही कारण है बहुत से लोग सुबह पूजा-इबादत करते हैं या भजन सुनते हैं।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

राजेश बादल की नई किताब::“यह अंतिम था, जिसे पोर्टल प्रकाशित करने का साहस नहीं दिखा सका और मैंने यह कॉलम बंद कर दिया।“     |     क्षेत्र मे दहशत फैलाने वाले कुख्यात शराब तस्कर व आदतन आरोपी  NSA में गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल भोपाल भेजा गया     |     कुंडलपुर में आचार्य पदारोहण न भूतों न भविष्यति,एक नहीं दो दो मोहन बने साक्षी     |     सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन     |     प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिल्ली की तीन सदस्य टीम का निरीक्षण     |     सप्त दिवसीय हनुमत शिव पंचायत, प्राण प्रतिष्ठा एवं राम कथा प्रवचन का आयोजन,कलश यात्रा निकली     |     नवरात्र के आखिरी दिन मंदिरों में भक्तों की रही भीड़     |     सवारी ऑटो को एसडीएम के जीप चालक ने मारी टक्कर, एक की मौत,चैत्र दुर्गा माता की अष्टमी पर पूजन करने रायसेन आया था आदिवासी परिवार     |     श्रीरामनवमी पर शहर में निकली जवारो की शोभा यात्रा, मिश्रा तालाब पर किया गया विसर्जन     |     दैवियां हमारे जीवन में नौ दिन के लिए नहीं बल्कि सदा के लिए परिवर्तन चाहती हैं- ब्रह्माकुमारी रुक्मिणी दीदी     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811