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रामकृष्ण परमहंस के अनमोल वचन

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आज 4 मॉर्च को मां काली के उपासक और स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस की जयंती है। रामकृष्ण परमहंस  वह महापुरुष थे, जो धर्म, संगीत में पारंगत थे। उनके आध्यात्मिक स्वभाव ने उन्हें ‘गुरु’ के रूप में जनता के बीच पहचान दिलाई। हालांकि उनका जन्म 18 फरवरी 1836 को हुआ था, लेकिन उनकी जयंती या जयंती हर साल हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार मनाई जाती है। रामकृष्ण की जयंती फाल्गुन, शुक्ल पक्ष के महीने में द्वितीया तिथि को चिह्नित की जाती है, और इसे ‘रामकृष्ण जयंती’ के रूप में मनाया जाता है।

हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, रामकृष्ण जयंती इस वर्ष शुक्रवार, 4 मार्च को मनाई जाएगी। द्रिकपंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 3 मार्च को रात 9.36 बजे से शुरू होकर 4 मार्च को रात 8.45 बजे समाप्त होगी।

आइए जानते हैं स्वामी रामकृष्ण परमहंस के अनमोल वचन के बारे में

1-  भगवान हर जगह है और कण-कण में हैं, लेकिन वह एक आदमी में ही सबसे अधिक प्रकट होते है, इस स्थिति में भगवान के रूप में आदमी की सेवा ही भगवान की सबसे अच्छी पूजा है।

2- सफलता मात्र दूसरों के द्वारा तय किया गया एक उपाय है और संतोष आपके द्वारा तय किए गए एक उपाय है।

3- आपका जितना परिक्षण होगा , आपका अनुभव उतना ही ज्यादा होगा और इससे आपका जीवन बेहतर होगा |

4- कोई प्रार्थना अनुत्तरित नहीं होती ।

 

 

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