सावित्री वेयर हाउस बायपास रायसेन खुले में बोरियों में भरा गेंहूं भीगा, वेयर हाउस मालिक बना बेखबर
शिवलाल यादव रायसेन
जिले में मौसम का मिजाज अलबेला हो चला है। शुक्रवार दोपहर और रात और शनिवार की शाम रविवार को सुबह,दोपहर शाम तेज बिजली चमकी, फिर बारिश का दौर 45 से 55 मिनट तक चला। इस दौरान लगभग आधा इंच पानी गिरा। पहली बार अप्रैल में बेतवा रीछन नदी करबला पुल पर ओवर फ्लो हो गया। वहीं रायसेन मंडी की बात करें तो यहां पर करीब 6 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया।वहीं बायपास रायसेन स्थित वेयर हाउस मालिक राजेश मिश्रा की लापरवाही उदासीनता की वजह किसानों की टनों गेंहू बारिश के पानी में भीग गया।जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

तेज हवा आंधी चलने से कई पेड़ सड़कों पर आ गिरे तो कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। शुक्रवार शनिवार और रविवार को तेज बारिश का दौर शुरू हुआ। इस दौरान तेज बिजली भी कड़की। आंधी चलने से कई पेड़ घरों पर गिर पड़े तो कुछ सड़कों पर आ गिरे। इस दौरान सुल्तानपुर ,सुल्तानगंज बाड़ी पांजरा गांवों में कहीं बेर तो कही आंवले के आकार के ओले भी गिरे। कुछ जगह छोटे आकार के ओले थे तो कई जगह बड़े आकार के ओले गिरे। कई जगह सड़कें सफेद होने लगी थी।

पांच फीडर पर बिजली बाधित….
शहर में करीब पांच फीडर पर बिजली सप्लाई बाधित रही। करीब दो घंटे तक यहां पर बिजली कंपनी का अमला काम करता रहा तब जाकर बिजली सप्लाई शुरू हो सकी। इधर सुल्तानपुर में भी बिजली गिरने से दो दिन पहले ट्रांसफार्मर फेल हो गया था। यहां पर दूसरा ट्रांसफार्मर रखा गया है। जानकारी देते हुए कंपनी के शहर सिटी जेई मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ जगह बिजली सप्लाई बाधित हुई थी लेकिन इसे शुरू करा दिया गया।
पॉलीथिन से ढंका गेहूं, लेकिन बचा नहीं पाए….
दोपहर के समय तेज बारिश हुई तो मंडी और वेयरहाउस के बाहर खुले में रखा बोरियों में आसमान तले खुले में रखा गेहूं पूरी तरह भीग गया। कई जगह तो हालत यह थी कि तेज बारिश से गेहूं मैदान पर पानी के साथ बहने लगा। यहां पर रैक के लिए बोरियों में गेहूं भरकर रखा था। 7 हजार से हजार से अधिक बोरियां यहां पर रखी हुई थीं। यह सारा गेहूं भी भीग गया। हालांकि इस बीच इसे पॉलीथिन से ढंक दिया गया फिर भी काफी नुकसान हो गया।

गल्ला व्यापारी मिथलेश सोनी युवा गल्ला व्यापारी मनोज सोनी कैशराम साहू मनोज राठौर ने बताया कि व्यापारियों का हजारों क्विंटल गेहूं नीलामी के बाद बाहर रखा हुआ था। अचानक बारिश होने लगी तो इसे ढंक भी नहीं सके । द ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष कन्हैया सोनी ने बताया कि बाहर रखा करीब 5 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया।
इधर… मिनी नासिक में प्याज की फसल खराब होने के आसार
प्याज उत्पादन में मिनी नासिक कहलाने वाले पैमत बरनी जागीर मानपुर ब्यावरा रतनपुर में किसानों ने खेतों में प्याज लगाई हुई है। पिछले दो चार दिन से बारिश होने की वजह से इसके खराब का डर किसानों को बना हुआ है। वहीं दो दिन पहले बारिश के दौरान बिजली गिरने से अभी तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। किसान दयाराम वर्मा ,बदामी पटेल का कहना है कि उनके द्वारा दो और 4 बीघा खेत में प्याज लगाई गई थी, जो बारिश होने के कारण खराब होने के आसार है। कई जगह पर ओले भी गिरे हैं।