भोपाल। अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों के असर से मिल रही नमी के कारण मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलों में बादल बने हुए हैं। साथ ही कहीं–कहीं गरज–चमक के साथ वर्षा भी हो रही है। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रायसेन में 0.6, मंडला में 0.2 मिलीमीटर वर्षा हुई। उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर में गरज–चमक के साथ बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार-शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, शहडोल, सागर संभाग के जिलों में गरज–चमक के साथ कहीं–कहीं वर्षा हो सकती है। बादल बने रहने के कारण दिन के तापमान में गिरावट होने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास बना हुआ है। पाकिस्तान और उससे लगे पंजाब पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। तेलंगाना से लेकर तमिलनाडु तक एक ट्रफ लाइन भी बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग–अलग स्थानों पर बनी इन तीन मौसम प्रणालियों के अतिरिक्त वर्तमान में तीन किलोमीटर की ऊंचाई पर हवाओं का रुख दक्षिण–पश्चिमी बना हुआ है। हवाओं के साथ नमी आने के कारण मध्यम एवं ऊंचाई के स्तर पर बादल बने हुए हैं। वातावरण में नमी होने और तापमान बढ़ा हुआ रहने के कारण गरज–चमक के साथ वर्षा हो रही है। इस तरह की स्थिति शुक्रवार को भी बनी रह सकती है। बादल बने रहने के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। शुक्रवार से मौसम प्रणालियों के कमजोर होने के साथ ही हवाओं का रुख उत्तरी होने की संभावना है। इससे अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होने के भी आसार हैं।
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