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सितंबर में हो सकते हैं डुसू के चुनाव, दिल्ली विश्वविद्यालय कर रहा तैयारी

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दिल्ली| दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत और प्रवेश लेने के लिए तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संगठन (डुसू) के चुनाव को लेकर डीयू प्रशासन मन बना रहा है। विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों ने छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। संभव है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर में चुनावों की घोषणा कर दी जाए।

तीन वर्ष बाद एक बार फिर छात्रों को विश्वविद्यालय के चुनावी उत्सव में भाग लेने का अवसर मिले। हालांकि पहले सीयूईटी प्रवेश प्रक्रिया के चलते छात्रों को इस सत्र में भी चुनाव होने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन, डीयू प्रशासन के रुख से उनके चेहरों पर मुस्कान आ गई है। कोरोना महामारी के चलते पिछले तीन वर्षों से दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संगठन के चुनाव नहीं हो सके हैं। आखिरी बार 2019 में चुनाव हुए थे। तब से छात्रों का पूरा एक बैच पढ़ाई पूरी कर चुका है। ऐसे में छात्र पिछले कई दिनों से डुसू के चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि तीन वर्ष में एक पूरी पीढ़ी छात्र संघ चुनाव नहीं देख पाई। ऐसे में छात्र राजनीति के बड़े अनुभव से वे वंचित रह गए। इसलिए इस सत्र में चुनाव कराए जाने चाहिए। कला संकाय के छात्र गौरव त्रिपाठी ने कहा कि राजस्थान में विभिन्न विश्वविद्यालय और कालेज में छात्र संघ के चुनाव हो चुके हैं। उत्तराखंड के शैक्षणिक संस्थानों में चुनाव हुए हैं। यही नहीं हैदराबाद के केंद्रीय विश्वविद्यालय में भी छात्र संघ के चुनाव हुए हैं।

डुसू के चुनाव में अभाविप ने तीन सीटों पर किया था कब्जा
ऐसे में दिल्ली विश्वविद्यालय को भी चुनाव कराने चाहिए। बता दें कि पिछले दिनों भाजपा की छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदर्शन कर डुसू के चुनाव कराने की मांग की थी। वहीं कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआइ का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से कई बार चुनाव की मांग की है। बता दें कि तीन साल पहले हुए डुसू के चुनाव में अभाविप ने तीन सीटों पर कब्जा किया था।

अभाविप के अक्षित दहिया अध्यक्ष चुने गए थे। प्रदीप तंवर उपाध्यक्ष और शिवांगी खरवाल सह सचिव चुनी गईं थीं। जबकि एनएसयूआइ के आशीष लांबा सचिव चुने गए थे। डेढ़ लाख छात्र होते हैं मतदाताडुसू के चुनाव में डेढ़ लाख तक छात्र मतदाता हो जाते हैं। 2019 के चुनाव में 1.3 लाख छात्र मतदाता थे। इनमें 39 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने मतदान किया। दिल्ली विश्वविद्यालय में 52 कालेज के छात्र मतदान करते हैं।

डुसू के लिए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और सह सचिव चार पदों पर चुनाव होता है। कालेज के प्रतिनिधि चुनाव के दौरान ही चुने जाते हैं। 2019 में सचिव पद पर चुने गए एनएसयूआई के छात्र नेता आशीष लांबा ने बताय कि दिल्ली विश्वविद्यालय का चुनाव विश्व के सबसे बड़े छात्र संघ चुनावों में से एक है। इसमें भाग लेने वाले छात्रों और चुनाव लड़ रहे प्रतिभागियों को एक अच्छा खास अनुभव मिलता है। यहां से निकले छात्र नेता भविष्य में बड़े पदों पर पहुंचते हैं। कोर्ट डुसू के चुनाव कराने पर विचार किया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राक्टर रजनी अब्बी ने कहा कि सितंबर माह में आवश्यक रूप से पूर्व की तरह ही छात्र संघ के चुनाव कराए जाएंगे। प्रवेश प्रक्रिया के बाद इसके लिए तैयारी शुरू कर दी जाएगी।

 

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