जिले की पीसीपीएनडीटी कोर्ट ने केकड़ी के पूर्व विधायक बाबूलाल सिंगारिया को 3 वर्ष के कारावास एवं 50 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। सिंगारिया के खिलाफ 30 जून 2001 को अजमेर के सिविल लाइन थाने में तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी अशफाक हुसैन ने प्रकरण दर्ज करवाया था। तत्कालीन समय में बाबूलाल सिंगारिया केकड़ी से कांग्रेस के विधायक थे। जिला कलेक्टट्रेट के सभागार में सिंगारिया ने तत्कालीन अजमेर एसीपी आलोक त्रिपाठी को थप्पड़ मार दिया था।
50 हजार का जुर्माना भी देना होगा
एडिशन एसपी वासुदेव भट्ट ने जब रोकने का प्रयास किया तो उनसे भी धक्का मुक्की कर वर्दी फाड़ दी थी। इस मामले में अजमेर की पीसीपएनडीटी कोर्ट ने पूर्व विधायक बाबूलाल सिंगारिया को 3 वर्ष की सजा और 50 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। विशिष्ट लोक अभियोजक निर्मला कुमारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ 30 जून 2001 में सिविल लाइंस थाने में धारा 332, 353, 186 आईपीसी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
3 नवंबर 2004 को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। प्रकरण में 20 गवाह हुए। कोर्ट ने प्रकरण में सिंगारिया को दोषी मानते हुए धारा 332 में 3 साल की सजा एवं 50 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। धारा 353 में 2 वर्ष और 50 हजार रुपए एवं 186 में 3 माह की सजा या 500 रुपए से दंडित किया है। पीसीपीएनडीटी कोर्ट की एसजेएम सीमा ढाका ने प्रकरण में फैसला सुनाया है।
वर्तमान में प्रदेश की मुख्य सचिव उषा शर्मा थी तत्कालीन कलक्टर उन्होंने जिला सतर्कता समिति की बैठक में सिंगारिया द्वारा उठाए गए कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे को अगली बैठक में उठाने के लिए कहा था। इससे विधायक सिंगारिया भड़क गए। बात इतनी बिगड़ी कि उन्होंने एसपी आलोक त्रिपाठी को थप्पड़ मार दिया।
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