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व्रत-उपवास के दौरान खाई जाने वाली चीजों में सेंधा नमक का ही उपयोग क्यों किया जाता हैं?

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Hindu Tradition: धर्म ग्रंथों में एकादशी आदि तिथियों व खास मौकों पर उपवास रखने की बातें बताई गई हैं। उपवास के दौरान कुछ खास तरह की चीजें खाई जा सकती हैं। इन चीजों में सिर्फ सेंधा नमक (rock salt) का ही उपयोग किया जाता है।

हिंदू धर्म में व्रत-उपवास के जुड़े कई नियम (Hindu Tradition) बताए गए हैं। इन नियमों का खासतौर पर ध्यान रखा जाता है। वैसे तो उपवास के दौरान कुछ भी खाने की मनाही होती है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में फलाहारी चीजें दूध, फल, साबूदाने की खिचड़ी आदि खाई जा सकती है। खास बात ये है कि उपवास के दौरान खाई जाने वाली नमकीन चीजों में सेंधा नमक का उपयोग खास तौर पर किया जाता है। आगे जानिए ऐसा क्यों किया जाता है.

सेंधा नमक को रॉक साल्ट (rock salt) भी बोलते हैं जिसका अर्थ होता है पहाड़ी नमक। ये पूरी तरह से प्राकृतिक होता है यानी इसे बनाने में किसी तरह का कोई केमिकल यूज नहीं किया जाता। भले ही ये सामान्य नमक से कम खारा होता है लेकिन ये पूरी तरह से नेचुरल होता है, इसलिए इसका उपयोग व्रत-उपवास के दौरान खाई जाने वाली चीजों में मुख्य रूप से किया जाता है।

आयुर्वेद के महान विद्वान ऋषि वाग्भट्ट के अनुसार, सेंधा नमक यानी रॉक साल्ट पूर्ण रूप से प्राकृतिक होने के कारण काफी गुणकारी होता है। यदि प्रतिदिन इसका उपयोग भोजन में किया जाए तो इससे वात, पित्त और कफ से संबंधित रोग व दोषों से बचा जा सकता है। इस नमक को खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी शरीर की इम्युनिटी पॉवर भी बढ़ने लगती है।

जिन लोगों को दिल से संबंधित बीमारियां हैं, उन्हें खास तौर पर सेंधा नमक का ही उपयोग करना चाहिए क्योंकि खाने के बाद ये शरीर में जाकर मधुर रस में बदल जाता है। इसी वजह से ये अन्य नमक की तुलना में अधिक गुणकारी होता है। भोजन में इसका उपयोग करने से भूख बढ़ती है और खाना भी जल्दी डाइजेस्ट हो जाता है। इसलिए ये नमक हृदय रोगियों को फायदा पहुंचाने वाला माना गया है।

मेडिकल साइंस के अनुसार, सेंधा नमक पोषक तत्वों से भरपूर रहता है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। ये पोषक तत्व हड्डियों के साथ-साथ शरीर के कई अंगों के लिए भी फायदेमंद होते हैं। शरीर को पोषक तत्वों की आवश्यकता है तो इसका सेवन करना चाहिए। खाने में इसे शामिल करके ब्लड सर्कुलेशन को भी सही रखा जा सकता है।

वास्तु के अनुसार, सेंधा नमक में निगेटिविटी सोखने का प्राकृतिक गुण होता है। इसलिए इसका उपयोग वास्तु दोष दूर करने के लिए भी किया जाता है। एक कटोरी में सेंधा नमक भरकर घर के बाथरूम में रखने से वहां की नकारात्मक कम होती है साथ ही साथ राहु से संबंधित दोष भी दूर होते हैं।

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