जेडी गोलानी नासागिर सोहागपुर नर्मदापुरम
ग्रीन इंडियन आर्मी सोहागपुर संयोजक प्रियांशु धारसे द्वारा बताया गया कि सिख समुदाय के दसवे गुरु गोविंद सिंह जी का शहीदी सप्ताह चल रहा है।
सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंहजी के परिवार की शहादत को आज भी इतिहास की सबसे बड़ी शहादत माना जाता है। धर्म व आम जन की रक्षा के लिए दी गई इस शहादत जैसा दूसरा ही कोई उदाहरण सुनने या पढ़ने को मिलता हो । श्रद्धावान सिख नानकशाही कैलेंडर के अनुसार, 20 दिसंबर से लेकर 27 दिसंबर तक, शहीदी सप्ताह मनाते हैं। इन दिनों गुरुद्वारों से लेकर घरों तक में कीर्तन -पाठ बड़े स्तर पर किया जाता है। बच्चों को गुरु साहिब के परिवार की शहादत के बारे में बताया जाता है। साथ ही कई श्रद्धावान सिख इस पूरे हफ्ते जमीन पर सोते हैं और माता गुजरी व साहिबजादों की शहादत को नमन करते हैं।
गुरु गोविंद सिंह ने अपने बच्चों की कुर्बानी अपने शहीद पिता हिन्द की चादर गुरु तेग बहादुर सिंह जी की बाल काल में मिले संकल्प, प्रेरणा, परंपरा में इसी हफ्ते अपने देश और धर्म के लिए दे दी थी।
उल्लेखनीय हैं कि नरेंद्र मोदी भारत सरकार ने निर्णय लेते साहबजादों की शहादत को यादगार पल देने वीर बाल दिवस की घोषणा भारत सरकार के राजपत्र में इसी वर्ष की गई है।
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के तीन बार के प्रधानमंत्री थे। वे पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक, तथा फिर 1998 मे और फिर 19 मार्च 1999 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। वे हिंदी कवि, शिक्षक, पत्रकार व एक प्रखर वक्ता थे।
विदेश मंत्री और प्रधानमंत्री पद का सफल असरदार निर्वहन किया। उनकी राजनीतिक रुचि वर्षों तक बनी रही एवं विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने अपने इस कौशल का परिचय दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतपाल सिंह खनूजा,पिंकी वेद,जमील खान जी,सुरजीत सिंह (ज्ञानी जी,बलवीर पवार,कमलेश पुरोहित,एक्स आर्मी रिटायर नीलम पटेल,अजय सोनी,विशाल गोलानी,पार्षद आशीष विश्वकर्मा,अनिल रघुवंशी,प्रियांशु धारसे,राम सिंह अहिरवार,रिशु वेद आदि उपस्थित रहे।