एक बार फिर रायसेन जिले की बेटी अंजना यादव ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर फहराया तिरंगा
–एक साथ 3 चोटियां की फतेह
-माउंट एवरेस्ट बेस कैंप , कलापत्थर ट्रैक और गोकयो पीक पर फहराया भारत देश का तिरंगा
सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की रिपोर्ट
रायसेन जिले के सलामतपुर कस्बे से कुछ दूरी पर छोटे से गांव सेमरी की प्रसिद्ध पर्वतारोही अंजना यादव ने एक बार फिर से अपनी पर्वतारोहण की यात्रा को जारी रखते हुए माउंट एवरेस्ट बेस कैंप को फतह किया है।15 अगस्त 2021को बीस हज़ार फिट का फेरा कर अपने देश को गौरान्वित किया है। अंजना यादव ने फिर से एक साथ तीन चोटियां फतेह की है।

भारत के दो पर्वतारोही अंजना यादव और अमित विश्वकर्मा ने इंटरनेशनल दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट बेस कैंप नेपाल फतह किया। भारत से अंजना यादव और अमित विश्वकर्मा 16सितंबर को भोपाल से नेपाल जाने रवाना हुए थे। शनिवार को घर वापस आने के बाद उन्होंने बताया कि 33 पर्वतों को पार करके पैदल सैलरी से माउंट एवेरेस्ट बेस कैंप पर फतह किया। उन्होंने 27 सितंबर को माउंट एवरेस्ट बेस कैंप 17598 फिट फतह किया और कलापट्ठर ट्रैक जिसकी ऊंचाई 18192 भी फतह किया। उसके बाद 29 सितंबर को नेपाल की गोक्यो पीक जिसकी ऊंचाई 17929 को फतह किया।

भोपाल शहर से अंजना यादव और अमित विश्वकर्मा ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर भारत का तिरंगा फहराया और नेशनल एंथम के साथ माउंट एवरेस्ट पूरा किया। अमित और अंजना ने बताया कि इस एवरेस्ट पर क्लाइंब के दौरान कोई गाइड नही लिया गया और सेल्फ पूरा माउंट एवरेस्ट बेस कैंप , कलापत्थर ट्रैक और गोकयो पीक खुद गाइड किए। इन दौरान कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। जिनमें लगातार 8 घंटे चढ़ना ,खाने की कमी आदि पर हमारे पर्वतारोही ने हार नहीं मानी। बहुत मेहनत करने के बाद माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर फतह किया। और रायसेन जिले सहित पूरे भारत का गौरव बढ़ाया। मध्यप्रदेश से बेमिसाल भोपाल स्वच्छ अमृत महोत्सव का बैनर लगाते हुए भोपाल को प्रेरणा दिए और 75 वे आजादी के अमृत महोत्सव पर भी उत्साह दिखाया। गोरतलब है कि पर्वतारोही अंजना यादव और अमित विश्वकर्मा मध्यप्रदेष से पहले भी यूनान पीक, फ्रेंडशिप पीक, पतालसु पीक, परवतरोहण संस्था से बी.एम.सी और कई बेसिक कोर्स माउंटेन फतेह कर चुके हैं। काफी मेहनत के बाद अमित और अंजना ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप चढ़ाई की और उसको भी फतह किया।अंजना यादव और अमित विश्वकर्मा के साथ टीम में बिहार से गोपाल कुमार , प्रिया रानी और अनीशा दुबे भी थी। जो पांच की टीम बनकर माउंट एवरेस्ट को फतह किया। अंजना यादव ने बताया कि जैसे पांच उंगली पंजा बनाता है। वैसे ही पूरे माउंट पीआर एक दूसरे के लिए खरे रहे। हमारी पांचों की टीम ने माउंट एवरेस्ट बेस कैंप फतह किया और देश का गौरव बढ़ाया। हमारी टीम गर्ल्स एंड बॉयज दोनो को बढ़ाती है। ताकि कई बच्चो का सपना साकार हो सके जैसे इस बार तीन लड़कियां और दो लड़कों का ग्रुप बनाकर माउंट ऐवरेस्ट बेस कैंप के साथ कलापत्थर ट्रैक और गोकयो पीक पर भारत का तिरंगा फहराया। उन्होंने सफलता का श्रेय अपने पिताजी आजाद सिंह यादव और मां सुधा यादव व उनके परिवार को दिया है। और जलज चतुर्वेदी, डॉक्टर देवेंद्र सर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव , उपाध्याय मध्यप्रदेश अशोक सिंह ने उनका बहुत सहयोग किया।