-बटुकजी ने श्रीमद् भागवत में बताई श्रीराधारानी के अवतार की कथा
विदिशा से अदनान खान की रिपोर्ट
नंदवाना स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण जगदीश धाम मंदिर परिसर में राधाष्टमी के पावन अवसर पर चल रही श्रीमद भागवत कथा में श्रीराधारानी के अवतार के प्रसंग पर कथा हुई। कथावाचक गौवत्स पंडित अंकितकृष्ण तेनगुरिया ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि राधा रानी श्री कृष्ण की सखी और उपासिका थी। उन्होंने कहा कि पुराणों के अनुसार राधा रानी का प्राकट्य प्रथम बार गोलोक में हुआ था। और राधा रानी और श्री कृष्ण गोलक में निवास करते थे। महाराज श्री ने राधारानी की महिमा बताते हुए कहा कि राधा रानी के बिना श्री कृष्ण की पूजा अर्चना अधूरी मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि राधा रानी की कृपा प्राप्त होने पर श्री कृष्ण की कृपा स्वत: प्राप्त हो जाती है। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर चल रही संगीतमय भागवत कथा में शहर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। कथास्थल पर मौजूद श्रद्धालु राष्ट्रीय कथावाचक गौवत्स पं. अंकितकृष्ण तेनगुरिया ‘वटुकजी’ के भजनों पर जमकर झूमे।

लक्ष्मीनारायण मंदिर जगदीश धाम में कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही है। जिसमें मुख्य अर्चक पं.मनमोहन शर्मा (मुखियाजी) ने बताया कि कथा का समापन अन्नंत चतुर्दशी के अवसर होगा, उन्होंने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है।