पुत्र-पुत्रवधु व नाती की मौत के बाद दादा ने भी लगाई फाँसी , परिजनों ने लगाया चार लोगों पर प्रताड़ना का आरोप
पुलिस अधीक्षक को बुलाने पर अड़े परिवारजन
विनोद साहू बाड़ी रायसेन
बाड़ी शहर में पुत्र-पुत्रवधु व नाती की मौत के बाद दादा धनराज सोनी ने भी फाँसी लगाकर आज आत्महत्या कर ली । मृतक के परिजनों ने चार लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। परिजन पुलिस अधिक्षक को मौके पर बुलाने की माँग कर रहे थे ।
हिंगलाज रोड़ कन्याशाला के पास बालाजी ज्वेलर्स की दुकान संचालित करने बाले जीतेन्द्र उर्फ बंटी सोनी ने आर्थिक परेशानियों से निजात पाने के लिए पत्नी रिंकी सोनी उम्र लगभग 35 बर्ष पुत्र वैष्णव सोनी उम्र 12बर्ष व छोटे बेटे कार्तिक को गला दवाकर खुद फाँसी के फंदे पर झूल गये ..जिसमें कार्तिक की जान बच गई और घर से तीन अर्थियां उठी थी ।

परिवारजनों ने आरोप लगाया है कि बाड़ी के ही रहने बाले सुनिता अहिरवार , बड़ेवीर, शक्ति मेडिकल संचालक की प्रताड़ना से दादा ने फाँसी लगाई है।
जानकारी के अनुसार पुत्र की मौत के बाद रकम लेने बाले लोंगों का दबाव बनता उससे पहले ही जीतेन्द्र के पिता श्री धनराज सोनी ने रकम वापिस करने के लिए खाताबही के हिसाब से लेनदेन करना शुरु किया ।लेनदेन में बड़ेवीर का नाम सामने आया और बह उन्हें लेकर बरेली बजाज फाईनेंस कंपनी से दो लाख कुछ हजार रुपये में बड़ेवीर को रकमें दिला दी और यह कहा कि जो भी आये पैसे लेकर हमसे रकम ले लेना .लेकिन जब धनराज सोनी अपने भतीजे बृजेश सोनी के साथ बड़ेवीर के पास अस्सी हजार रुपये लेकर रकम उठाने पहुँचे तो उन्होंने पैसे रख लिए और रकम नहीं दी ।पुलिस ने भी उन्हीं का साथ दिया इससे दुखी होकर जहर भतीजे बृजेश सोनी ने जहर पी लिया लेकिन तत्काल भोपाल ले जाने पर उसकी जान बच गई ।

(फोटो मृतक धनराज सोनी का)
कल दिनभर सुनीता अहिरवार ने की गालीगलौज
सुनीता अहिरवार ने एक आवेदन पुलिस को दिया और धनराज को रकम देने का दबाव बनाया और उसकी दो रकमों को बगैर पैसे चुकाये रकम देने के लिए गालीगलौज करने लगी जबकि खाते में उसके पैसे जमा नहीं थे पुलिस के सामने यहीं बात हुई थी लेकिन पुलिस के पक्षपात पूर्ण रवैये से बृजेश सोनी ने जहर पी लिया और पुलिस से कोई मदद नहीं मिलने पर आज धनराज सोनी उसी कमरें में जहाँ जीतेन्द्र सोनी फाँसी पर झूला उसी पंखे पर स्टूल रखकर फाँसी लगा ली । समाचार लिखने तक परिजन पुलिस अधिक्षक को मौके पर बुलाने की माँग कर रहे थे ।