पीछे से आने वाले वाहनों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा
न निर्धारित बस स्टॉप, न यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान
अचानक ब्रेक लगाने से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था, कई वाहन चालक हो चुके हैं दुर्घटनाओं का शिकार
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर यात्री बस चालकों की मनमानी अब अन्य वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। हाईवे पर बसों को रोकने के लिए निर्धारित स्थान नहीं होने और चालकों द्वारा मनमाने ढंग से कहीं भी बस खड़ी कर सवारियां उतारने-बिठाने के कारण आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। हैरानी की बात यह है कि बस चालक पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे वाहनों की परवाह किए बिना अचानक ब्रेक लगा देते हैं। इससे पीछे चल रहे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। कई बार यात्री बसों के कारण पीछे से आने वाले वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार भी हो चुके हैं, इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
हाईवे-18 पर दिनभर छोटे-बड़े वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। रोजाना हाईवे 18 से 12 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन डेली गुजरते हैं।
इस मार्ग से यात्री बसों के अलावा ट्रक, डंपर, कार, बाइक और अन्य व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे व्यस्त मार्ग पर यात्री बसें कहीं भी रोककर सवारियां बैठाने और उतारने लगती हैं। कई बार बस चालक सड़क किनारे पर्याप्त जगह नहीं होने के बावजूद बस खड़ी कर देते हैं। कुछ स्थानों पर बसें सड़क के काफी हिस्से को घेर लेती हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने के लिए दूसरी लेन में जाना पड़ता है। इस दौरान सामने से आने वाले वाहनों से टक्कर होने की आशंका बनी रहती है।
अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चलने वाले वाहन चालक परेशान
सुरेंद्र नायक, मनमोहन साहू, जवाहरलाल जैन सहित स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यात्री बसों के चालक कई बार बिना किसी पूर्व संकेत के अचानक ब्रेक लगा देते हैं। पीछे चल रहे वाहन चालक को इसका अंदाजा नहीं लग पाता। अचानक ब्रेक लगने से बाइक सवार और छोटे वाहन चालक संतुलन खो बैठते हैं। वहीं बस को क्रॉस करने के लिए दूसरे वाहन चालकों को अचानक अपनी लेन बदलनी पड़ती है। इससे गंभीर दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। कई वाहन चालक बसों के अचानक रुकने के कारण हादसों का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद बस चालकों द्वारा अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया जा रहा है।
बस स्टॉप नहीं होने से सड़क पर ही उतरती-बैठती हैं सवारियां
हाईवे पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यवस्थित बस स्टॉप की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। यात्रियों को जहां बस मिलती है या जहां उतरना होता है, वहीं चालक बस रोक देते हैं। कई जगह यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। बस रुकने के बाद यात्रियों के चढ़ने-उतरने के दौरान सड़क पर भीड़ लग जाती है और पीछे से आने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार एक के पीछे एक वाहन जमा होने से जाम जैसी स्थिति बन जाती है।
दिनभर वाहनों का दबाव, मनमाने ढंग से रुकती बसें बढ़ा रहीं परेशानी
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर पहले से ही वाहनों का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में यात्री बसों का जगह-जगह रुकना यातायात व्यवस्था को और प्रभावित कर रहा है। खासकर सुबह और शाम के समय जब सड़क पर वाहनों की संख्या अधिक रहती है, तब बसों के अचानक रुकने से वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। बस चालकों की इस लापरवाही का खामियाजा उन वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है, जो निर्धारित गति और यातायात नियमों का पालन करते हुए सफर कर रहे हैं।
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने परिवहन विभाग, यातायात पुलिस एवं संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी से मांग की है कि हाईवे-18 पर प्रमुख स्थानों पर निर्धारित बस स्टॉप बनाए जाएं। बसों के रुकने के लिए सड़क से अलग पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उतारा और बैठाया जा सके। साथ ही बस चालकों को निर्धारित स्थानों पर ही बस रोकने के निर्देश दिए जाएं। बिना संकेत अचानक बस रोकने और यातायात बाधित करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
इनका कहना हे
मैं रोजाना दीवानगंज से विदिशा के लिए लिए अप डाउन करता हूं बस के पीछे चलने में हमेशा डर रहता है कहीं बस चालक सवारियां बिठाने के लिए ब्रेक ना लगा दे कई बार दुर्घटना का शिकार होने से बाल बाल बचा हूं।
मुकेश साहू स्थानीय निवासी
मैं कुलहड़िया से रोजाना फूल लेने के लिए भोपाल जाता हूं बस चालक तेज रफ्तार से बस चलाते हैं जब कोई सवारी हाथ दे देते हैं तो बिना आगे पीछे देख बस चालक ब्रेक लगा देते हैं जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। को बार दुर्घटना होने से मैं बाल बाल बचा हूं
पवन प्रजापति स्थानीय निवासी कुलहड़िया