दाल मिल चौराहे पर देर रात हुआ हादसा, ओवरलोड भूसा वाहनों पर जिम्मेदारों की निगरानी नहीं होने से बढ़ रहा खतरा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल-विदिशा हाईवे-18 पर दीवानगंज के दाल मिल चौराहे के पास भूसे से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद ट्रॉली में भरा भूसा सड़क किनारे बिखर गया। गनीमत रही कि ट्रैक्टर नहीं पलटा और चालक सहित एक अन्य व्यक्ति बाल-बाल बच गए। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने हाईवे पर ओवरलोड भूसा वाहनों की आवाजाही और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, भूसे से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली विदिशा से भोपाल की ओर जा रहा था। जैसे ही वह दीवानगंज के दाल मिल चौराहे के पास पहुंचा, अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रॉली में क्षमता से अधिक भूसा भरा होने की आशंका के बीच वाहन के पलटने से सड़क पर हादसे का खतरा पैदा हो गया। यदि ट्रैक्टर भी पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हाईवे पर धड़ल्ले से दौड़ रहे ओवरलोड वाहन
दीवानगंज क्षेत्र में इन दिनों भूसे का कारोबार तेजी से चल रहा है। भूसे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक दिन-रात भोपाल-विदिशा हाईवे-18 से गुजर रहे हैं। आरोप है कि कई वाहन क्षमता से अधिक भूसा भरकर परिवहन कर रहे हैं। इसके बावजूद इन वाहनों की नियमित जांच और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है।
भूसे के कारोबार से जुड़े एजेंट किसानों के खेतों तक पहुंचकर मशीनों से भूसा तैयार करवाते हैं और किसानों को भुगतान कर उसका परिवहन करते हैं। इस कारोबार के बीच वाहनों में भूसा भरने की मात्रा, संतुलन और सुरक्षित परिवहन के नियमों का पालन कितना हो रहा है, इस पर निगरानी जरूरी है।

जरा सी लापरवाही बन सकती है बड़े हादसे की वजह
हाईवे पर सुबह, दोपहर और रात में बड़ी संख्या में भूसे से भरे वाहन गुजरते हैं। ट्रॉली में ऊंचाई तक भरा भूसा वाहन का संतुलन बिगाड़ सकता है। तेज रफ्तार, अचानक मोड़ और दूसरे वाहनों को साइड देने के दौरान ऐसी ट्रॉलियों के पलटने का खतरा बढ़ जाता है। दाल मिल चौराहे पर हुआ हादसा इसी तरह की लापरवाही के संभावित खतरे को उजागर करता है।
दूसरे वाहन चालकों को भी होती है परेशानी
ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, ट्रक के कारण हाईवे पर चलने वाले ट्रक, बस और अन्य वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अधिक जगह घेरने और सुरक्षित तरीके से साइड नहीं मिलने के कारण यातायात प्रभावित होता है। रात के समय ऐसी स्थिति और भी जोखिम भरी हो जाती है। यदि भूसा सड़क पर बिखर जाए या वाहन बीच सड़क पर पलट जाए तो जाम के साथ-साथ दूसरे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका भी बनी रहती है।
इससे पहले भी दीवानगंज पुरानी चौकी, घोड़ा चौक नदी के पुल, चंद्रा गार्डन, बालमपुर घाटी के ऊपर सहित कई अन्य जगह भी पहले भी भूसे से भरे वाहन पलट हो चुके हैं।

जांच और कार्रवाई की जरूरत
लगातार गुजर रहे भूसे से भरे वाहनों के बीच दाल मिल चौराहे पर ट्रॉली पलटने की घटना के बाद परिवहन और पुलिस विभाग की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। जरूरत है कि हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की नियमित जांच की जाए, ओवरलोडिंग मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई हो और वाहन चालकों को सुरक्षित परिवहन के निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले जरूरी कदम उठाए जा सकें।