ब्रेक फेल होने से पीछे खिसका ट्रक रेलिंग से टकराकर रुका, चिकनाईयुक्त कचरे से वाहन भी फिसले; इससे पहले भी कई ट्रक खाई में गिर चुके
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल–विदिशा हाईवे-18 की बालमपुर घाटी पर ट्रकों के पीछे रिवर्स होकर खाई में गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हर दो-चार दिन में ट्रकों के घाटी पर चढ़ते समय पीछे खिसकने की स्थिति बन रही है। रविवार-सोमवार की देर रात भी घाटी चढ़ते समय एक ट्रक के अचानक ब्रेक फेल हो गए। इसके बाद ट्रक पीछे की ओर रिवर्स होने लगा और लोहे की रेलिंग से टकराकर रुक गया। गनीमत रही कि ट्रक गहरी खाई में गिरने से बच गया और बड़ा हादसा टल गया।
सड़क पर फैला चिकनाईयुक्त कचरा, फिसलते रहे वाहन
बालमपुर घाटी पर किसी अज्ञात वाहन से चिकनाईयुक्त बीयर का कचरा सड़क पर फैल गया। कचरा सड़क पर फैलने के कारण घाटी से गुजरने वाले कई वाहन चढ़ते और उतरते समय फिसलते रहे। वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक बन गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार घाटी पर इस तरह का कचरा पहली बार नहीं फैला है। अक्सर यहां सड़क पर चिकनाईयुक्त कचरा पड़ा दिखाई देता है। इसके बावजूद इसकी रोकथाम और तत्काल सफाई की व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। कचरे में बियर जैसी बदबू आती है। जिससे रोड पर चलने वाले राहगीर परेशान होते हैं।
कई ट्रक खाई में गिरकर हो चुके हैं क्षतिग्रस्त
बालमपुर घाटी पर अब तक कई दर्जन ट्रक पीछे रिवर्स होकर गहरी खाई में गिर चुके हैं। कई हादसों में ट्रक खाई में गिरने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और उनके परखच्चे तक उड़ चुके हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद घाटी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि घाटी पर ट्रकों के पीछे खिसकने की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। सड़क पर फैलने वाले चिकनाईयुक्त कचरे की तत्काल सफाई, रेलिंग को मजबूत करने और घाटी के खतरनाक हिस्सों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की जरूरत है।
एमपीआरडीसी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
बालमपुर घाटी हाईवे-18 का व्यस्त और दुर्घटना संभावित हिस्सा है। यहां लगातार ट्रकों के पीछे रिवर्स होने और खाई में गिरने की घटनाएं सामने आने के बावजूद एमपीआरडीसी द्वारा अब तक कोई ठोस स्थायी कदम नहीं उठाए जाने को लेकर वाहन चालकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि घाटी का सुरक्षा ऑडिट कराकर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसी दिन बड़ा जनहानि वाला हादसा न हो।