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एक ही अधिकारी पर तीन-तीन जिम्मेदारियां: शिक्षा व्यवस्था पर संकट, छात्रों का भविष्य दांव पर

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अभिषेक असाटी बक्सवाहा

शिक्षा विभाग में अव्यवस्था और जिम्मेदारियों के असंतुलित बंटवारे का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। क्षेत्र में एक ही अधिकारी पवन राय को सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बक्सवाहा, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बक्सवाहा के साथ-साथ विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) का प्रभार सौंप दिया गया है। एक व्यक्ति पर तीन-तीन अहम जिम्मेदारियों का बोझ डालने से पूरे शिक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन मोर्चों पर एक ही अधिकारी, शिक्षा व्यवस्था चरमराई
जानकारी के अनुसार, पवन राय पहले से ही दो प्रमुख विद्यालयों का संचालन संभाल रहे थे। अब उन्हें बीईओ कार्यालय की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक ही अधिकारी से इतने महत्वपूर्ण दायित्वों का प्रभावी निर्वहन संभव है? यह निर्णय विभागीय योजना और प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर करता है।
नियमों की अनदेखी, आहरण अधिकार पर भी सवाल

सूत्रों के अनुसार, पूर्व में रहे जिला शिक्षा अधिकारी अरुण शंकर पांडे द्वारा एक उच्च माध्यमिक शिक्षक पवन राय को आहरण एवं संवितरण (DDO) के अधिकार भी प्रदान कर दिए गए थे, जबकि नियमानुसार उच्च माध्यमिक शिक्षक को इस प्रकार के वित्तीय अधिकार प्रदान करने का प्रावधान नहीं है। इस निर्णय ने विभागीय कार्यप्रणाली और नियमों के पालन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालयों में गिरा शैक्षणिक स्तर, मॉनिटरिंग प्रभावित
स्थानीय नागरिकों और शिक्षकों का कहना है कि इस व्यवस्था का सीधा असर विद्यालयों की पढ़ाई और अनुशासन पर पड़ रहा है। नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग के अभाव में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। छात्रों को अपेक्षित मार्गदर्शन और संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।
बीईओ कार्यालय के काम भी ठप

बीईओ स्तर पर योजनाओं की समीक्षा, स्कूलों का निरीक्षण और शिक्षकों का मार्गदर्शन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल होते हैं। लेकिन एक ही अधिकारी पर अत्यधिक कार्यभार होने के कारण ये सभी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कई शासकीय योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और उनका लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है।
विभागीय चुप्पी ने बढ़ाई चिंता
इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। न तो अतिरिक्त अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है और न ही व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य को प्रभावित कर रही है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इसका दूरगामी असर देखने को मिल सकता है।
अब विभाग पर टिकी निगाहें

पूरे मामले को लेकर अब अभिभावकों, शिक्षकों और आम जनता की निगाहें शिक्षा विभाग पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि विभाग इस गंभीर स्थिति को कब तक नजरअंदाज करता है या फिर शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई ठोस निर्णय लेता है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए जांच के संकेत

इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कौशल सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी उनके संज्ञान में आई है। यदि पवन राय उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर रहते हुए आहरण एवं संवितरण (DDO) का प्रभार संभाल रहे हैं, तो इस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार डीडीओ का प्रभार अलग किया जाएगा। साथ ही अब तक हुए सभी प्रकार के आहरण की जांच भी कराई जाएगी।

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