महावीर जयंती पर तीर्थधाम ज्ञानोदय जैन मंदिर से शांति दिगंबर जैन मंदिर तक निकाली गई शोभा यात्रा,फूल बरसा कर किया गया स्वागत
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
भोपाल विदिशा हाईवे 18 दीवानगंज फैक्ट्री चौराहा पर स्थित तीर्थधाम ज्ञानोदय जैन मंदिर से जैन समाज के लोगों ने सोमवार को प्रातः काल शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में बच्चे ,बूढ़े ,बुजुर्ग, महिलाएं, छोटी-छोटी बच्चियों ने भाग लिया।
शोभा यात्रा फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज से ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों के बीच निकाली गई। शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय वातावरण में रंग दिया। शोभा यात्रा फैक्ट्री चौराहा दीवानगंज से प्रारंभ होकर दीवानगंज तलाव से होते हुए भवानी चौक पर स्थित श्री शांति दिगंबर जैन मंदिर पर पहुंची। आगे आगे डीजे बज रहा था पीछे समाज के लोग जयकारे और नाचते गाते हुए चल रहे थे शोभा यात्रा का जगह-जगह फूल बरसा कर भव्य स्वागत किया।

शांति दिगंबर जैन मंदिर पर विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण किया गया। शोभा यात्रा वापस तीर्थधाम ज्ञानोदय जैन मंदिर पहुंची। शोभा यात्रा में दीवानगंज, अंबाडी,देहरी और आसपास के जैन समाज के लोग मौजूद रहे। जैन समाज के लोगों का कहना है कि भगवान महावीर ने मोक्ष प्राप्त करने के लिए मनुष्यों के लिए पांच नियम स्थापित किए, जिन्हें हम पंच सिद्धांत के नाम से जानते हैं। ये पांच सिद्धांत हैं- अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, सत्य और अपरिग्रह। जीवन में इन पांच सिद्धांत अपनाकर मनुष्य अपना जीवन साकार कर सकता है।
हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महावीर जयंती मनाई जाती है। इस साल महावीर जयंती सोमवार को मनाई गई। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का जन्म बिहार के कुंडाग्राम में हुआ था। भगवान महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था। कहा जाता है कि 30 वर्ष की आयु में इन्होंने राज महलों के सुख को त्याग कर सत्य की खोज में जंगलों की ओर चले गए। घने जंगलों में रहते हुए इन्होंने बारह वर्षों तक कठोर तपस्या की, जिसके बाद ऋजुबालुका नदी के तट पर साल वृक्ष के नीचे उन्हें कैवल्य ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। भगवान महावीर ने समाज के सुधार और लोगों के कल्याण के लिए उपदेश दिए। जैन संप्रदाय के लोगों के लिए महावीर जयंती बहुत ही खास मानी जाती है। महावीर जयंती के दिन जैन धर्म के लोग प्रभात फेरी, अनुष्ठान और शोभायात्रा निकालते हैं।