दीवानगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का आरोप, डिलीवरी के लिए आई महिला आधे घंटे तक तड़पती रही
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सांची विकासखंड के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दीवानगंज की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल होती नजर आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर न तो डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं और न ही नर्स, जिसके कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार सुबह करीब 8 बजे बावड़ी निवासी लक्ष्मी पति अनिल (20 वर्ष) डिलीवरी के लिए परिजनों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर वहां न तो कोई नर्स मौजूद थी और न ही डॉक्टर उपलब्ध थे। ऐसे में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला करीब आधे घंटे तक अस्पताल के बाहर ही पड़ी रही।
परिजनों के अनुसार दर्द बढ़ने पर महिला की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। परिजन उसे जगाने की कोशिश करते रहे, लेकिन अस्पताल में कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। यहां तक कि अस्पताल में दाई भी उपलब्ध नहीं थी, जिससे परिजन इधर-उधर भटकते रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसी स्थिति नई नहीं है। अक्सर अस्पताल में समय पर डॉक्टर और नर्स नहीं मिलते, जिसके कारण अधिकांश गर्भवती महिलाओं को भोपाल रेफर कर दिया जाता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार अस्पताल में पानी तक की व्यवस्था नहीं रहती। अस्पताल की मोटर की चाबी कर्मचारी अपने साथ ले जाते हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को पानी के लिए भी भटकना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कई बार अव्यवस्थाओं को लेकर विवादों में रहा है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हो पाया है।
सुरेश साहू, राकेश कुशवाहा, बादाम विश्वकर्मा, मुकेश साहू अनिल साहू आदि ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल में मर्चुरी रूम भी नहीं है जबकि दीवानगंज के आसपास सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती है। दीवानगंज से ही रेलवे लाइन और स्टेट हाईवे निकाला है। जहां पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। दीवानगंज के आसपास कोई व्यक्ति दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसको 25 किलोमीटर दूर सांची सिविल अस्पताल ले जाना पड़ता है। जिससे परिजनों को समय के साथ पैसे की भी बर्बादी होती है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि मरीजों को समय पर इलाज और सुविधा मिल सके