सुरेंद्र जैन धरसीवां
सांकरा निकी समीपस्थ ग्राम कुकेरा में जगत जननी भगवती गौ माता की महती कृपा और श्रीराम गौ सेवा संगठन एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में ‘श्रीमद् गौ भागवत कथा’ का भव्य शुभारंभ हुआ।
“गौ सम्मान आव्हान अभियान” के अंतर्गत आयोजित इस आध्यात्मिक महोत्सव के प्रथम दिन दिव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में गौभक्तों और मातृशक्ति ने भाग लिया।
भक्तिमय कलश यात्रा से गूंजा गांव
कथा के प्रथम दिवस पर गांव के मुख्य मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक वाद्य यंत्रों, मंगल गीतों और “जय गौमाता” के जयघोष से पूरा कुकेरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। पीत वस्त्र धारण किए महिलाएं सिर पर मंगल कलश लिए चल रही थीं, जो इस आयोजन की दिव्यता को और बढ़ा रही थीं।

गौ सेवा ही जीवन का मूल ध्येय: श्री सुरभि दास महाराज
कथा व्यास पूज्य श्री सुरभि दास महाराज जी ने व्यासपीठ से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि साक्षात राष्ट्रमाता और जगत जननी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “वर्तमान समय में गौ कथा का श्रवण और गौ माता की निस्वार्थ सेवा ही मनुष्य जाति का मूल ध्येय होना चाहिए। जिस घर और समाज में गौ माता का सम्मान होता है, वहां सुख-समृद्धि स्वतः ही चली आती है।
भक्तों की भारी उपस्थिति
इस धार्मिक आयोजन में कुकेरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रीराम गौ सेवा संगठन के सदस्यों ने बताया कि यह कथा आगामी 14 मार्च 2026 तक निरंतर जारी रहेगी। प्रतिदिन दोपहर 01 बजे से आयोजित होने वाली इस कथा में गौ महिमा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
ग्रामवासियों एवं आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमियों से इस ज्ञानयज्ञ में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है।