सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
बीते दिनों सिविल अस्पताल गैरतगंज में 108 एम्बुलेंस की बदहाली के कारण एक नवजात ने दम तोड़ दिया था। इस हृदयविदारक घटना के बाद हरकत में आए प्रशासन ने जब बुधवार को वाहनों की सुध ली, तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। जीवन बचाने का दावा करने वाली ये एम्बुलेंस खुद ‘वेंटिलेटर’ पर मिलीं।

गैरतगंज एसडीएम अंकित जैन के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय की संयुक्त टीम ने अस्पताल में तैनात दोनों 108 वाहनों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान जो कमियां पाई गईं, वे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। दोनों वाहनों की स्थिति अत्यंत दयनीय और जर्जर पाई गई। आपातकालीन सेवाओं के लिए जरूरी अधिकांश उपकरण बंद मिले। मरीजों को ले जाने वाले स्ट्रेचर टूटे-फूटे और जंग खाए हुए थे, जो हिलने की स्थिति में भी नहीं थे। वाहनों के पहिये पूरी तरह घिस चुके थे और स्टेपनी भी खराब थी, जिससे रास्ते में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

अधिकारी नहीं दे पाए जवाब, कंपनी पर गिरेगी गाज
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने जब 108 सेवा के डीएम विशाल पाल से सुविधाओं की मॉनिटरिंग और खराब हालत पर सवाल किए, तो वे निरुत्तर हो गए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। एसडीएम अंकित जैन ने बताया कि 108 एम्बुलेंस के संचालन का टेंडर जेईएस कंपनी के पास है। इन तमाम कमियों के लिए सीधे तौर पर कंपनी जिम्मेदार है। हमने बिंदुवार पंचनामा तैयार किया है और इसकी विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
जांच टीम में ये रहे शामिल
इस महत्वपूर्ण जांच में जिला चिकित्सालय से सिविल सर्जन यशपाल सिंह, एमडी भारती, गैरतगंज बीएमओ संदीप यादव सहित स्वास्थ्य विभाग का अन्य अमला मौजूद रहा। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब उम्मीद जगी है कि क्षेत्र की जनता को जल्द ही बेहतर एम्बुलेंस सेवाएं मिल सकेंगी।