मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
डिजिटल लेनदेन और मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीएससी वी एल ई रूपवती जाटव द्वारा ग्राम पंचायत शाहपुर में (कॉमन सर्विस सेंटर) एवं किड्रिल साइबर रक्षक अभियान के अंतर्गत महिलाओं को साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बताया गया कि अनजान कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करना कितना खतरनाक हो सकता है।साइबर ठग खुद को बैंक कर्मचारी, पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत सतर्क रहना जरूरी है।
महिलाओं को दी गई मुख्य जानकारी:
कभी भी ओटीपी, पिन नंबर और बैंक विवरण किसी को न दें।
अनजान लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतें।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं और उन्होंने साइबर सुरक्षा से जुड़े सवाल भी पूछे। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी गांव-गांव जाकर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि महिलाएं डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें।