शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में महाराणा प्रताप बस्ती में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में रामनगर , श्यामनगर टेकरी श्रीहनुमान मंदिर एवं अयोध्या नगर श्रीदुर्गा मंदिर से बच्चियों एवं महिलाओं ने कलश यात्राएं निकाली जो दशहरा मैदान कार्यक्रम स्थल पर पहुंची जहां पर विधिविधान से हवन पूजन एवं आहूतियां अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत भारतमाता की आरती एवं बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक की प्रस्तुति दी गई एवं सेवा भारती के द्वारा महापुरुषों की झांकी प्रदर्शित की गई।
इसके पूर्व नगर के विभिन्न क्षेत्रों से कन्याओं , महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा निकाली जो कार्यक्रम स्थल दशहरा मैदान पहुंची।मंचासीन अयोध्या से पधारे महान संत श्री स्वामी महापति दास जी महाराज अयोध्या , अग्नि अखाड़ा के महंत श्रीश्री 108 श्री भोले स्वरूप ब्रह्मचारी बुदनी एवं सेवा भारती के संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह सोलंकी एवं शिक्षिका रत्ना शुक्ला रही।
कार्यक्रम में आरएसएस के स्वयंसेवक, भाजपा नेताओं , सनातनधर्मालंबियों , विभिन्न मठ-मंदिरों के पुजारी , युवा शक्ति , नारी शक्ति , सज्जन बुद्धजीवी शक्ति एवं सरस्वती विद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सैकड़ो की संख्या में शामिल होकर संगठित हिंदू , मजबूत धर्म ओर समाज का उद्घोष किया।

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ( आरएसएस ) के सौ वर्षों के कठिन श्रम और साधना ओर संतो की प्रेरणा , आशीष से आज करोड़ो हिंदुओं के विशाल संगठन को खड़ा करने के साथ हिंदू समाज में समरसता ओर धर्मसत्ता की अलख जगाई है।आज संघ की शक्ति के कारण ही विश्व में सभी लोग आज गर्व से भारतमाता की जय ओर वंदेमातरम का कर रहे हैं। सनातन पर्व निडरता ओर उल्लाश के साथ मनाए जा रहे हैं।
उक्त उदगार अग्नि अखाड़ा के महंत श्रीश्री 108 श्री भोले स्वरूप ब्रह्मचारी बुदनी ने व्यक्त करते हुए कहा , सनातन धर्म ही विश्व को जोड़ने वाला एकमात्र धर्म है जो विश्व में शांति स्थापित करने में अग्रणी रह सकता है। जब हिंदू समाज संगठित , सबल ओर समरस रहेगा तभी हिंदू समाज , हमारे धर्म स्थल ओर पूजा पद्धति सुरक्षित रहेंगे।उन्होंने हिंदू समाज को चेताया , समाज में एकजुटता नहीं रहेगी तो विधर्मी शक्तियों से हमेशा खतरा बना रहेगा।
संघ की शाखा सेवा भारती के संगठन मंत्री मुख्य वक्ता सुरेंद्र सिंह सोलंकी ने हिंदू समाज के पंच परिवर्तन के लिए प्रण – सामाजिक समरसता , सामूहिक परिवार , अनुशासित जीवनशैली , स्वदेशी भावना के लिए सभी का कर्तव्यबोध , पर्यावरण संरक्षण ओर हिंदू धर्म व संस्कृति की रक्षा से ही हिंदू समाज की विजय ओर विश्व का कल्याण बताया।
कार्यक्रम का संचालन आचार्या स्वाति शर्मा एवं आभार प्रदर्शन सुरेश ठाकुर ने किया । इस अवसर पर आमंत्रित परिवारों के साथ सहभोज भी हुआ।