रामभरोस विश्वकर्मा, मंडीदीप रायसेन
नगर के गुदावल स्थित क्षेत्र के प्राचीन, ऐतिहासिक एवं चमत्कारी माँ कंकाली मंदिर परिसर में दिनांक 24 दिसम्बर को सकल हिन्दू समाज गोदावल मंडल के तत्वावधान में एक भव्य, ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व हिन्दू सम्मेलन का सफल एवं गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना एवं सनातन मूल्यों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। इस विराट हिन्दू सम्मेलन में गोदावल मंडल एवं आसपास के लगभग 30 से अधिक गाँवों से 18 हजार से अधिक सनातनी भाई-बहन, मातृशक्ति, युवा एवं बुजुर्ग सपरिवार पधारे। श्रद्धालुओं की अपार उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि क्षेत्र का हिन्दू समाज अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक एवं संगठित है। सम्मेलन की तैयारी हेतु पिछले कई दिनों से क्षेत्र के प्रत्येक गाँव में पीले अक्षत वितरण, घर-घर संपर्क, प्रभात फेरियाँ, भजन-कीर्तन, वाहन रैलियाँ एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मेलन से जोड़ने का प्रयास किया गया, जिसका परिणाम इस विशाल जनसमूह के रूप में सामने आया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ कंकाली माता के पूजन-अर्चन, दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके पश्चात देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे संत-महात्माओं, धर्मगुरुओं एवं ओजस्वी वक्ताओं ने अपने प्रेरक उद्बोधन दिए।

जिसमें मुख्य वक्ताअखिल भारतीय साहबोधिक प्रमुख दीपक विशफोते ने हिन्दू समाज को संगठित रहने, सनातन मूल्यों की रक्षा करने एवं राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया ! वही साध्वी रंजना दीदी ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य से मातृशक्ति की भूमिका, संस्कारों की महत्ता एवं धर्म के प्रति समर्पण पर प्रकाश डाला! निधि किशोरी दीदी ने सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना को सरल एवं प्रेरणादायी शब्दों में प्रस्तुत किया ! इसके आलावा महामंडलेश्वर महंत अनिल आनंद महाराज
ने समाज में एकता, सेवा, त्याग एवं राष्ट्र निर्माण में संत समाज की भूमिका पर विस्तार से विचार रखे।
सभी वक्ताओं के ओजस्वी एवं भावपूर्ण उद्बोधनों से पूरा पंडाल “जय माँ कंकाली जय श्री राम” एवं “सनातन धर्म की जय” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह भावविभोर होकर सनातन एकता के सूत्र में बंधता दिखाई दिया। सम्मेलन के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान एवं विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में अनुशासन, स्वच्छता, सेवा एवं समर्पण की भावना विशेष रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजन समिति के सदस्य संजय मीणा ने सकल हिन्दू समाज, आयोजन समिति एवं गोदावल मंडल द्वारा इस ऐतिहासिक सम्मेलन को सफल बनाने हेतु सभी ग्रामवासियों, मातृशक्ति, युवाओं, स्वयंसेवकों, , संत-महात्माओं, प्रशासन, पुलिस व्यवस्था एवं मीडिया बंधुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
समापन अवसर पर माँ कंकाली माता से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की गई।