निनवा गांव में खुशी का माहौल
सुरेंद्र जैन धरसीवा
छत्तीसगढ़ के तिल्दा नेवरा के छोटे से गांव निनवा की दुर्गा साहू ने प्रदेश का नाम पंडवानी गायिकी के क्षेत्र में गौरांवित किया है राजस्थान के जयपुर में रविवार को आयोजित गरिमामयी समारोह में दुर्गा साहू को अदम्य नारी रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी जयपुर राजस्थान में रविवार को आयोजित सम्मान समारोह में राकेश गुर्जर चीफ एडिटर विंजा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, नितिन वर्मा फाउंडर स्किल शिक्षा , डॉ नूपुर जैन कुलपति पूर्णिमा यूनिवर्सिटी जयपुर के द्वारा जैसे ही मंच से छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायिका दुर्गा साहू को अदम्य नारी सम्मान से सम्मानित किया गया तो वहां दर्शक दीर्घा में मौजूद दुर्गा के परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए
बचपन से ही पंडवानी गायन में रुचि
पंडवानी गायिका दुर्गा साहू धरसीवा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तिल्दा नेवरा ब्लॉक के छोटे से गांव निनवा की निवासी हैं वह बचपन से ही पंडवानी गायिकी के क्षेत्र में रुचि रखती हैं उन्हें छत्तीसगढ़ में पंडवानी गायिकी के क्षेत्र में छोटी तीजन बाई के नाम से भी जाना जाता है

मां की लाडली है दुर्गा
छत्तीसगढ़ का नाम गौरांवित करने वाली पंडवानी गायिका दुर्गा साहू अपनी माता श्रीमति सेवती वाई साहू की लाडली है उसके पिता तो दुनिया में नहीं लेकिन मां ने बड़े लाड प्यार से पाला और उसे अपने पिता स्व जितेंद्र कुमार साहू एवं गुरु निर्मल कुमार साहू शिक्षक के सपनो को साकार करने के संस्कार दिए।
शिक्षक बनकर संवारना चाहती है बच्चो का भविष्य
पंडवानी गायिका दुर्गा साहू अभी चौबीस साल की हैं इस प्रतिनिधि ने जब उनसे बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी शिक्षा अभी जारी है वह बीएड कर रही हैं और शिक्षक बनना चाहती हैं शिक्षक बनकर वह भावी पीढ़ी को पढ़ाना चाहती हैं उनका भविष्य उज्ज्वल बनाना और उनमें छत्तीसगढ़िया संस्कृति को डालना उनका सपना है