देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
संविधान दिवस पर जन क्रांति सामाजिक उत्थान संघ के तत्वावधान में बसस्टैंड परिसर में आयोजित हुआ कार्यक्रम ।इस कार्यक्रम में बाबा सा भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया ।
जानकारी के अनुसार आज संविधान दिवस के अवसर पर जनक्रांति सामाजिक उत्थान संघ ने बांसखेडा से रैली निकाली जो जयभीम के नारों से गुंजायमान होते हुए नगर में पहुची ।तथा बसस्टैंड परिसर में स्थित संविधान निर्माता बाबा सा भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के निकट कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम में आयोजक हल्के राम के नेतृत्व में एवं कार्यक्रम का संचालन जाने माने आर एस यादव के नेतृत्व में आयोजित किया गया इस कार्यक्रम में बडी संख्या में क्षेत्र एवं दूरदराज से लोगों ने आकर भाग लिया इस कार्यक्रम में अनेक साधुसंतों के साथ ही भगवान बुद्ध के अनुयायी बौद्ध भिक्षु भी शामिल रहे ।इस कार्यक्रम को अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया ।इस अवसर पर हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा गया कि जब हमारे देश के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश राज्य पाल मुख्यमंत्री अधिकांश हिंदू है तब हिंदू राष्ट्र का कहकर लोगो मैं भ्रम की स्थिति बनाई जा रही हैं ।इस अवसर पर धीरेंद्र शास्त्री के पर्ची मामले पर भी कटाक्ष किया ।अनेक वक्ताओं ने संविधान पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा कहा संविधान में हर वर्ग को समान अधिकार दिये गए है भारत का संविधान विश्व का एक मात्र सबसे बडे लोकतांत्रिक देश का संविधान हैं जिसकी विश्व भर मैं प्रशंसा होती हैं परन्तु हमारे देश में संविधान को बदलने की बात की जाती हैं जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है हम सविधान की सुरक्षा के साथ हर समय तैयार है संविधान से छेड़छाड़ किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं की जा सकती है संविधान ने हर व्यक्ति को अपनी सुरक्षा जीवन यापन करने का अधिकार दिया है ।इस कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं ने शिक्षा पर बल दिया तथा कहा संविधान में सभी लोग समान हैं आगे कहा गया कि बाबा सा जैसा व्यक्तित्व भविष्य में भी नहीं हो सकता है इस अवसर पर बाबा सा के जीवन पर भी प्रकाश डाला गया साथ में इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संविधान के कारण ही देश से तमाम कुरीति समाप्त हुई हैं तथा जिन महिलाओं को समाज में दरकिनार किया जाता था आज संविधान ने ही बराबरी का दर्जा दिया है आज देश की महिलाएं राष्ट्रपति से लेकर ऊंचे पदों पर हैं यह सब संविधान में मिले समान अधिकार से ही संभव हो सका ऊंच नीच की खाई को संविधान में बराबरी का दर्जा मिला है ।इस अवसर पर संविधान की शपथ भी दिलाई गई ।तथा संविधान को सुरक्षित रखने का सभी को अधिकार है ।