– बदमाशों से पुलिस ने किया लूटा गया 7 लाख का माल बरामद
– योजनाबद्ध तरीके से बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम
रंजीत गुप्ता शिवपुरी
शिवपुरी जिले की खनियांधाना पुलिस ने 30 अक्टूबर की रात घर में घुसकर दंपती से मारपीट के बाद हुई डकैती की घटना को ट्रेस करते हुए 5 आरोपियों में से 4 को पकड़ लिया है। पकड़े गए बदमाशों से लूटा गया 7 लाख रुपए कीमत का माल भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। बदमाश पहले से दपती को जानते थे और योजनाबद्ध तरीके से उन्होंने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।
बंधक बनाकर पहले मारपीट की और नगदी व माल लूट कर ले गए थे-
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि खनियांधाना के चमरौआ निवासी प्रकाशचंद्र (65) पुत्र भैयालाल जैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 30-31 अक्टूबर की दरम्यानी रात अज्ञात नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए और मुझे व मेरी पत्नी को बंधक बनाकर पहले मारपीट की और फिर अलमारी में से सोने-चांदी के जेवरात व 20 हजार रुपए नकद 7 लाख रुपए का माल लूट कर ले गए। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। इधर थाना प्रभारी खनियांधाना गब्बर सिंह गुर्जर ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जब पड़ताल की तो पता चला कि घटना को अंजाम देने वाले स्थानीय बदमाश है।
मुखबिर की सूचना के आधार पर दबोचे आरोपी-
पुलिस ने इस मामले में 4 टीमों ने करीब एक सैकड़ा संदिग्ध लोगों से पूछताछ व आसपास के सीसीटीवी फुटेज सहित मोबाइल नंबरों की पड़ताल की। इसी बीच एक सूचना पर पुलिस टीम ने एक कार में सवार दो युवको गोलू बंशकार निवासी छोटी मुहारी व संजीव उर्फ संजू लोधी निवासी चमरौआ को पकड़ लिया। पुलिस ने इनकी तलाशी ली तो संजीव के पास से 315 बोर का कट्टा व एक जिंदा कारतूस मिला।
सख्ती से पूछताछ की तो उगल दिया राज-
इन युवकों से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने अपने तीन अन्य साथियों पकंज वाल्मीकि, सीमित लोधी व जयदेव लोधी निवासीगण चमरौआ के साथ मिलकर इस डकैती की घटना को करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने सीमित लोधी व जयदेव लोधी को भी पकड़ लिया, जबकि पंकज वाल्मीक अभी फरार है। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों से लूटे गए माल में से एक सोने की चैन, सोने का मंगलसूत्र, सोने के टॉक्स, चांदी की बिछूडिया चार जोड़ी, चांदी का झारी लोटा आदि 7 लाख रुपए का माल बरामद कर लिया है। पुलिस ने वारदात में प्रयोग एक कार व बाइक को भी जब्त किया है।
घटना के बाद मामला ठंडा होने का कर रहे थे इंतजार-
डकैती की घटना को स्थानीय बदमाशों ने ही अंजाम दिया था तो वह पूरे मामले को ठंडा होने का इंतजार कर रहे थे। इसलिए लूटे गए माल को बदमाशों ने कहीं बेचा भी नहीं। बदमाश बहुत अच्छे तरीके से पीड़ित दंपती को जानते थे और पीड़ित पक्ष भी बदमाशों में से 3 को अच्छी तरह से जानता था। हालांकि घटना के दौरान बदमाश नकाब पहने हुए थे, इसलिए दंपती इनको उस समय पहचान नहीं पाया। बताया जा रहा है कि फरियादी प्रकाशचंद्र जैन पैसे ब्याज पर देने का काम करते हैं तो इन बदमाशों में से कुछ का इनके घर पर आना-जाना था और इनको पता था कि सेठ के पास न केवल पैसा मिलेगा, बल्कि सोना-चांदी भी खूब मिलेगा, लेकिन जब घटना हुई हुई तो उतना माल बदमाशों को नहीं मिल पाया, जितनी उनको उम्मीद थी।