– कागज़ों में मरम्मत, ज़मीन पर गड्ढे, आवागमन प्रभावित
सैय्यद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बीते वर्षों में बनी गैरतगंज तहसील क्षेत्र की सड़कें अब जर्जर स्थिति में हैं। आरोप है कि सड़कों के मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाई गई हैं, जिसके चलते सड़कों के हालात सुधरे नहीं और आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।
तहसील क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक प्रधानमंत्री सड़कों की हालत इतनी खराब है कि इन पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। कई जगह सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, तो कहीं सड़क का वजूद ही खत्म होकर वह कच्ची सड़क में बदल गई है। स्थानीय निवासी आशीष कुमार, नरेंद्र सिंह, राजेन्द्र, रकीब, महेंद्र विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि इन सड़कों को बनाने वाली निर्माण एजेंसियों ने पहले तो मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया, और अब विभाग भी ठेकेदारों से मिलीभगत कर कागज़ों में ही मेंटेनेंस दर्शाकर बड़ी गड़बड़ियाँ कर रहा है। वर्तमान में मेंटेनेंस का कार्य प्रधानमंत्री सड़क विभाग के पास है, और विभाग पर हर वर्ष सड़क सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये का गड़बड़झाला करने का आरोप लग रहा है।

लीपापोती से मेंटेनेंस की खानापूर्ति
सड़को में गड़बड़ियों के कई उदाहरण सामने आए हैं जहां मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ लीपापोती की गई है जिसमे तहसील मुख्यालय से उंसरमेटा-खिड़की सड़क को कुछ मीटर के हिस्से में बगैर बेस, साइडों को बिना भरे ही डामर की लीपापोती कर मेंटेनेंस दर्शा दिया गया। वर्तमान में सड़क पर चलना दूभर है। चांदोनी-गढ़ी सड़क सड़क किनारे सिर्फ पत्थरों की पुताई करके विभाग ने मेंटेनेंस का काम पूरा दिखा दिया। इसके अलावा मुख्यालय से रम्पुरा कलां, अंधियारी, गढ़ी से अगरिया कलां, हिनोतिया खास, रजपुरा, जुझारपुर, शोभापुर, तिजालपुर, बम्होरी घाट, खमरिया गंज, बेहरा, सर्रा, बांसादेही, पड़रिया गंज सहित दर्जनों अन्य सड़कों की हालत बेहद खराब बनी हुई है।

मैदानी अमला गायब, कागज़ी कार्रवाई पर ज़ोर
बताया जाता है कि प्रधानमंत्री सड़क विभाग का मुख्यालय गैरतगंज से लगभग 50 किलोमीटर दूर रायसेन में स्थित है, जहाँ से सभी सड़कों की मॉनिटरिंग होती है। शिकायत है कि मैदानी अमले में तैनात कर्मचारी मौके पर जाने के बजाय घर बैठे ही कागजी खानापूर्ति में लगे हुए हैं। जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारी भी कथित तौर पर मिलीभगत करके सड़क सुधार के नाम पर शासन को चूना लगा रहे हैं।
विभाग का पक्ष
इस संबंध में विभाग के महाप्रबंधक आरएस तिवारी का कहना है कि सड़कों के मेंटेनेंस ठीक ढंग से कराए जाएँगे, और यदि कहीं कमी दिखती है तो कार्रवाई भी की जाएगी।