सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को गैरतगंज में विशाल पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में स्वयंसेवकों ने पारंपरिक गणवेश में भाग लिया। स्वयंसेवकों का नगर में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
रविवार को, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक पूरी अनुशासन के साथ कदमताल करते हुए नगर के मुख्य मार्गों से गुज़रे। यह पथ संचलन नगर के तीन खंडों श्रीराम बस्ती (ब्लाक ग्राउंड), माधव बस्ती पाठा मोहल्ला स्थित खेड़ापति माता मंदिर, और हनुमान बस्ती गेहूंरास रोड स्थित मां कर्मा गार्डन से अलग-अलग टुकड़ियों में निकाला गया। तीनों संचलन मुख्य मार्ग पर एकत्रित हुए और नंदनी नगर, बस स्टैंड होते हुए ब्लाक ग्राउंड पहुंचे, जहाँ बौद्धिक कार्यक्रम के साथ इसका समापन हुआ।

स्थानीय लोगों ने छतों और चौराहों पर बड़ी संख्या में जमा होकर संचलन का स्वागत किया। बस स्टैंड पर छोटे-छोटे बच्चों ने महापुरुषों की वेशभूषा पहनकर देशभक्ति का संदेश दिया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।

शताब्दी वर्ष: राष्ट्र-निर्माण का संकल्प वर्ष
ब्लाक ग्राउंड में हुए बौद्धिक कार्यक्रम में संघ प्रचारक सौरभ जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य समाज में एकता, राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना को मज़बूत करना है। उन्होंने संगठन के शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक बताते हुए इसे सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण का संकल्प वर्ष बताया। प्रचारक सौरभ जी ने कुटुंब प्रबोधन के तहत पंचशील सिद्धांतों का पालन करने का आह्वान किया। इन सिद्धांतों में परिवार में मिलकर रहना, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, पॉलिथीन का प्रयोग बंद करना और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि आज हम उस पवित्र वर्ष के द्वार पर खड़े हैं, जब हमारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण कर रहा है। उन्होंने कहा कि 1925 में विजयादशमी के अवसर पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी द्वारा लगाया गया यह छोटा सा पौधा आज विराट वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने ज़ोर दिया कि यह शताब्दी वर्ष केवल एक कालखंड का समापन नहीं, बल्कि आगामी सहस्र वर्षों के लिए राष्ट्र-निर्माण के संकल्प का पुनर्जागरण है।