धरसीवा पुलिस कर रही मामले की जांच
चिकित्सकीय परीक्षण के लिए धरसीवा से भेजा रायपुर
आदिवासी श्रमिकों का भारी शोषण
सुरेंद्र जैन धरसीवां रायपुर
सांकरा निको। ग्राम कपसदा स्थित एक फेक्ट्री की श्रमिक कालोनी में तीन साल की मासूम आदिवासी बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आया है लेकिन दुष्कर्म हुआ या सिर्फ प्रयास किया इसकी जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है लेकिन बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ या दुष्कर्म का प्रयास था इसकी पुष्टि चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी पुलिस ने बच्ची को उसके मातापिता के साथ चिकित्सकीय परीक्षण के लिए धरसीवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है जहां से उसे रायपुर के अंबेडकर अस्पताल भेजा गया है पुलिस को चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार है
सूचना मिलते ही पहुंचे ग्रामीण ओर कांग्रेस के नेता
इस मामले की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं कांग्रेस नेता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश वर्मा धरसीवां सरपंच साहिल खान रेता सरपंच आशीष फेक्ट्री की श्रमिक कालोनी पहुंचे और श्रमिकों से चर्चा की तो पता चला कि फेक्ट्री के समीप खेत में हाइटेंशन टावर के नीचे समीप में टीन शेड की श्रमिक कालोनी में एमपी ओर छत्तीसगढ़ के कई आदिवासी महिला और पुरुष श्रमिक रहते हैं जो ठेकेदार के अधीन काम करते हैं।
बारह घंटे का महिला श्रमिकों को मिलता है 370रुपए
इस घटना की जानकारी मिलने पर जब ग्रामीण जनप्रतिनिधि श्रमिक कालोनी में आदिवासी श्रमिकों से मिले तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई आदिवासी श्रमिकों में महिलाओं ने बताया कि वह ठेकेदार के अधीन फेक्ट्री में बारह घंटे मजदूरी करती है और 370 रुपए बारह घंटे की मजदूरी मिलती है पुरुष वर्ग को बारह घंटे के 450रुपए मिलते हैं।
क्या कहते हैं सुपरवाइजर
इस संबंध में ठेकेदार के सुपरवाइजर प्रदुम्न तिवारी ने बताया कि घटना परसों की है कल उनके पास बच्ची के पिता ने आकर बताया था कि उनकी बच्ची के साथ गलत हुआ है उन्होंने पुलिस में जाने की बात कही तो उन्हें पुलिस थाना भेज दिया था
श्रमिकों के शोषण को लेकर उन्होंने कहा कि अर्थ मेट फेक्ट्री से ही महिला श्रमिकों को बारह घंटे का 370 ओर पुरुष वर्ग को साढ़े चार सौ मिलता है उन्होंने स्वीकार किया कि श्रमिकों को पेमेंट कम मिल रहा एवं ईएसआईसी का लाभ भी नहीं मिल रहा श्रमिक कालोनी खतरनाक जगह पर है इसको भी उन्होंने स्वीकार किया
रायपुर रेफर किया
बीएमओ डॉ विकास तिवारी ने बताया कि 2 अक्टूबर की शाम को डॉक्टरी के लिए बच्ची को अस्पताल लाए थे यहां से उसे रायपुर के अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया है
पूर्व राज्यसभा सदस्य सहित कई दिग्गज कांग्रेसी करेंगे आंदोलन
इस घटना ओर आदिवासी श्रमिकों के भारी शोषण को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है तीन अक्टूबर को पूर्व राज्यसभा सदस्य श्रीमती छाया वर्मा पीसीसी ओबीसी विभाग के कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष भावेश बघेल ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दुर्गेश वर्मा साहिल खान सहित कई दिग्गज कांग्रेसी धरसीवा में आंदोलन करेंगे।