सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के तत्वावधान में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, कायस्थ कुल गौरव श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने शास्त्री जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका नाम ही उनके जीवन का परिचायक है, लाल त्याग और बलिदान का प्रतीक है, बहादुर साहस और निडरता का प्रतीक है तथा शास्त्री ज्ञान और सत्यनिष्ठा का प्रतीक है। वक्ताओं ने कहा कि शास्त्री जी ने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि सरलता, ईमानदारी और देशभक्ति ही सच्चा नेतृत्व है।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने यह महसूस किया कि आज के समय में शास्त्री जी के आदर्शों को आत्मसात करना समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस अवसर पर महासभा के पदाधिकारियों एवं उपस्थित कायस्थ बंधुओं ने शास्त्री जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के चित्र पर भी माल्यार्पण कर उनके आदर्शों को नमन किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे शास्त्री जी के बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्र और समाज की उन्नति में सक्रिय योगदान देंगे।