पर्यूषण पर्व के समापन पर आदिनाथ भगवान की शोभायात्रा से निकाली
गईमनोज कुमार द्विवेदी अमरकंटक अनूपपुर
नर्मदा के पावन उद्गम स्थल, देवत्व और साधना की भूमि अमरकंटक सोमवार को क्षमा, करुणा और मैत्री के दिव्य भाव से अभिभूत हो उठा। दिगंबर जैन समाज के दशलक्षणा पर्यूषण पर्व के समापन अवसर पर आदिनाथ भगवान की भव्य शोभायात्रा नगर की गलियों से गुजरी, तो सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक माधुर्य से गूंजायमान हो उठा।
सुबह की सुनहरी किरणों के साथ दिगंबर जैन मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान आरंभ हुए।
भगवान आदिनाथ का अभिषेक संपन्न हुआ।शांति धारा का आयोजन हुआ। क्षमावाणी सभा में जैन समाज ने क्षमा, करुणा और मैत्री के संदेश को आत्मसात किया।सभा में उपस्थित समाज जनों ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे से क्षमा याचना की और जीवन में सद्भाव व अहिंसा का संकल्प लिया।

शोभायात्रा का भव्य रूप
दोपहर 1 बजे जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र से निकली शोभायात्रा मानो एक चलायमान मंदिर प्रतीत हो रही थी। रथनुमा वाहन पर मंदिर प्रतिकृति में विराजमान भगवान आदिनाथ की प्रतिमा, चारों ओर सजावट, और आगे-आगे धर्म ध्वज लिए श्रद्धालु – यह दृश्य भक्तिरस से ओतप्रोत कर देने वाला था।
ढोल-नगाड़ों की गूंज, बैंड-बाजों की ध्वनि और भजन-कीर्तन की लहरियों ने नगर के कोने-कोने में धार्मिक उल्लास बिखेर दिया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मंगलगीत गाती चल रही थीं, वहीं पुरुष भक्तजन नृत्य करते हुए भगवान के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित कर रहे थे।नगर भ्रमण करते हुए यह भव्य शोभायात्रा जैन मंदिर परिसर में संपन्न हुई।

संध्या का आध्यात्मिक उल्लास
रात्रि 8 बजे संगीतमय आरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु दीपों की ज्योति के साथ भगवान की महिमा गा रहे थे। आरती उपरांत क्षमावाणी का आयोजन हुआ, जहाँ भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर अनूपपुर भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, पार्षद रोशन पनारिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता समाज के साथ शोभायात्रा में सम्मिलित हुए।
समाज का आभार
दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र समिति अमरकंटक के व्यवस्थापक लक्ष्मी नारायण जैन ने सफल आयोजन के लिए समस्त श्रद्धालुओं व समाज जनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। समाजसेवी सुनील जैन, बाबा देवेंद्र जैन, निलेश जैन, महेश जैन, राकेश जैन, सुशील जैन, मनोज जैन सोनू जैन आदि प्रमुख लोगों ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाकर आयोजन को भव्य सफलता प्रदान की। कार्यक्रम में नगर के पत्रकार धनंजय तिवारी श्रवण उपाध्याय विपुल बर्मन आज शामिल एवं उपस्थित रहे

आध्यात्मिक संदेश
“क्षमा जीवन का आभूषण है, क्षमा से ही वैर मिटते हैं, करुणा पनपती है और मैत्री का दीप प्रज्वलित होता है। अमरकंटक की यह पुण्यभूमि आज इसी क्षमा के भाव से गुंजायमान हुई।”