विजी लवानिया गौहरगंज,रायसेन
गुरुवार को सब जेल गौहरगंज में गणेश उत्सव एवं ऋषिपंचमी के अवसर पर गायत्री पंचकुंडीय यज्ञ का आयोजन गायत्री परिवार के द्वारा किया गया। पंच कुंडीय यज्ञ पूर्ण विधि विधान मंत्रोचार के साथ किया गया। यज्ञ हवन पूजन के द्वारा व्यक्ति के मन अंतरात्मा और वातावरण को शुद्ध कर देते हैं।

जेल में परिरूध बंदियों को अपने नैतिक मूल्य एवं सदाचार को ग्रहण करने तथा मानसिक शांति हेतु शास्त्री जी द्वारा यज्ञ विधि पूजन कराया गया साथ ही अपने नैतिक मूल्य को बनाए रखना और अपराध नहीं करने हेतु बंदियों के लिए शपथ दिलाई गई एवं मधुर संगीतमय प्रवचन दिए गए।
उपस्थित पंडित शास्त्री द्वारा यज्ञ का महत्व समझाया गया एवं बताया कि यज्ञ अर्थदान, संगतिकरण और त्याग होता है। यज्ञ करने से प्राणियों की आयु में वृद्धि होती है और मनुष्य के शत्रु स्वयं नष्ट हो जाते हैं।

उक्त सभी बंदियों को यज्ञ हवन में आहुति दिलाई गई और मानसिक वैचारिक द्वेष, घिरना, ईर्ष्या को त्याग करने संकल्प दिलाया गया और अपने मन की नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित करने की प्रेरणा दी गई। यज्ञ में सभी की सुख शांति की कामना की गई।
उक्त अवसर पर गायत्री परिवार की ओर से पंडित शास्त्री, प्रेमलाल कुशवाहा, अरविंद विजयवर्गीय, घनश्याम, पवन लाल मालवीय, दिनेश राजपूत एवं अन्य गायत्री परिवार के सदस्य उपस्थित हुए।

सहायक जेल अधीक्षक यशवंत शिल्पकार द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। यशवंत शिल्पकार द्वारा बताया गया कि बंदियों के मानसिक एवं शारीरिक विकास हेतु जेल में प्रतिदिन योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार कराया जाता है । साथ ही समय-समय पर विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिससे बंदियों को सकारात्मक ऊर्जा मिले और जेल में आने से पूर्व की गई गलतियो की पुनरावृत्ति नहीं हो और जेल से रिहा होने पर वो सब पुनः समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें जेल प्रशासन का प्रयास है।