रायसेन। न्यायालय अरविंद रघुवंशी, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम रायसेन, जिला रायसेन द्वारा आरोपीगण – 1. रामक्रेश आत्मज रतिराम गुर्जर, उम्र- 40 वर्ष, 2. लक्ष्मीनारायण आत्मज रतिराम गुर्जर, उम्र 42 वर्ष, 3. गुड्डा उर्फ रघुवीर आत्मज रतिराम गुर्जर, उम्र 27 वर्ष, 4. बनिया उर्फ दीवान आत्मज रतिराम गुर्जर, उम्र 35 वर्ष, सभी निवासीगण- टीलाकलां, थाना देवनगर, तहसील गैरतगंज, जिला रायसेन म.प्र. को भादसं. की धारा 302 एवं एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) में आजीवन कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
उक्त मामला जघन्य एवं सनसनीखेज सूची का होकर चिन्हित मामला था।
इस मामले में विधिक अभिमत अनिल कुमार मिश्रा, सहायक निदेशक अभियोजन रायसेन द्वारा दिया गया एवं म.प्र. शासन की ओर से धनीराम विश्वकर्मा, विशेष लोक अभियोजक, रायसेन ने पैरवी की।
19 दिसंबर 2020 को फरियादी इमरत सिंह अहिरवार ने आरक्षी केन्द्र देवनगर में इस आशय की देहाती नालसी लिखवायी थी कि, उक्तअ दिनांक को सुबह 08:00 बजे के करीब उसका लड़का वीरसिंह अपनी मोटरसाईकिल से निकलकर खेत पर जा रहा था कि पड़ोस में रहने वाले रामक्रेश, लक्ष्मी़नारायण, गुड्डा व बनिया सभी जाति गुर्जर चारों भाईयों ने उसकी मोटरसाईकिल को अपने घर के सामने रोककर मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दी और चारों ने अपने हाथों में रखी धारदार कुल्हाडि़यों से वीरसिंह को मोटरसाईकिल से नीचे पटक कर जान से मारने की नियत से जानलेवा हमला किया चारों भाईयों ने वीरसिंह को कुल्हाईडि़यों से दोनों पैर दोनों हाथ, पीठ, छाती व मुंह में कुल्हाड़ी से चोट पहुंचाई। वीरसिंह खून खच्चर होकर घरवालों को बचाने के लिए चिल्लाता रहा। गांव का ही वीरेन्द्र और बलीकरण दोनों जाति गुर्जर बचाने आये तो वीरेन्द्र को भी रामक्रेश ने कुल्हाड़ी से सिर में जानलेवा हमला कर दिया बहुत देर तक उसका लड़का वीरसिंह घर वालों को बचाने के लिए आवाज देता रहा, लेकिन चारों भाई हाथों में कुल्हाड़ी लेकर कहते रहे कि तुममें से कोई भी चमरा इसे बचाने आया तो जान से मार देंगे। उसका और इन चारों का घर आस-पड़ौस में है। आये दिन बागड़ की बात पर से चारों भाई गाली गुफ्तार करते रहते हैं। इसी बात पर से उसके लड़के वीरसिंह के साथ चारों ने कुल्हाडि़यों से जानलेवा हमला किया और गांव के वीरेन्द्र गुर्जर को बीच बचाव में सिर में कुल्हाड़ी मारी है। उसके लड़के वीरसिंह को चारों मरा छोड़ गये थे, फिर वे लोग घरवाले व चौकीदार वीरसिंह को उठाकर घर लाये थे। उक्त देहाती नालसी के आधार पर आरक्षी केन्द्र देवनगर में अपराध क्रमांक 234/2020 अंतर्गत संहिता की धारा – 294, 341, 307, 34 एवं एससी एसटी अधिनियम की धारा 3(1)(r), 3(1)(s), 3(2)(v) की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गयी।
प्रकरण में घटना दिनांक को ही घायल वीरसिंह अहिरवार की हमीदिया अस्पताल में ईलाज के दौरान मृत्यु हो जाने से प्रकरण मे धारा 302 भादसं. का ईजाफा किया गया। विवेचना के दौरान आरोपीगण को गिरफ्तार किया जाकर पंचनामा बनाया गया।
आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन की समस्ता दलीलों एवं साक्ष्योंय को सुनते हुए आरोपीगणों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
न्यूज सोर्स – श्रीमती किरण नंदकिशोर
मीडिया प्रभारी जिला रायसेन