-मात्र एक घंटे मे सफल सर्जरी कर तीन दिनों में अस्पताल से घर के लिए रवाना
सागर । चिकित्सा जगत में कुछ चिकित्सक अपनी कौशल और समर्पण से मरीजों के जीवन में आशा की किरण बनते हैं। भाग्योदय अस्पताल के सर्जन डॉ. अंकुर जैन और निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. इलयाज ने एक जटिल मामले को सफलता में बदलकर यह सिद्ध कर दिया है।
कटनी निवासी 80 वर्षीय देवकुमार जैन पिछले पांच वर्षों से हार्निया की समस्या से ग्रस्त थे। उनकी स्थिति और भी जटिल थी क्योंकि उनका हृदय 90% ब्लॉक हो चुका था। इस कारण, उन्होंने कटनी, जबलपुर, नागपुर, पुणे सहित कई स्थानों पर डॉक्टरों से सलाह ली थी, लेकिन हर बार ऑपरेशन के लिए मना कर दिया गया था।
आचार्य श्री सुधा सागर महराज के दर्शनार्थ देवकुमार और उनके परिजन सागर आए, जहाँ उनकी मुलाकात भाग्योदय अस्पताल के सर्जन डॉ. अंकुर जैन से हुई। डॉ. जैन ने मरीज की स्थिति का गहरे से मूल्यांकन किया और ऑपरेशन करने का साहसिक निर्णय लिया।
डॉ. अंकुर जैन और उनकी टीम ने मात्र एक घंटे में दो बड़े हार्निया का सफल ऑपरेशन किया। यह ऑपरेशन विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि मरीज का हृदय पहले से ही गंभीर स्थिति में था। डॉ. अंकुर जैन की विशेषज्ञता और डॉ. इलयाज ( निश्चेतना) ने इसे संभव बनाया।
सर्जरी के बाद, देवकुमार जैन की हालत तेजी से सुधरी। केवल तीन दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जो उनकी मजबूत इच्छाशक्ति और डॉक्टरों की उत्कृष्ट देखभाल का परिणाम था।
इस सफलता ने परिवार को राहत दी है और स्थानीय समुदाय में चिकित्सा विशेषज्ञता के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। यह घटना डॉ. अंकुर जैन और डॉ. इलयाज की विशेषज्ञता, समर्पण और मरीजों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो चिकित्सा क्षेत्र में एक आदर्श प्रस्तुत करती है।