-संभवतः जिले की पहली पंचायत जहां सरपंच ने जगाई नशामुक्त समाज की अलख
-अब नशामुक्त पंचायत अभियान चलेगा, जिसमें पंचायत को नशे के खिलाफ खड़े हुए पुरुष और महिलाएं
-नशामुक्त घोषित करने का बीड़ा उठाया सरपंच गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
गांव में बढ़ते नशे की रोकथाम के लिए शुरू किया है। जिसे योजनाबद्ध तरीके से ग्राम पंचायत में चलाया जाएगा।ग्रामीणों की पहल पर नशा मुक्ति पंचायत घोषित करने के लिए इस पहल का स्वागत किया लोगों ने इस योजना के तहत पूर्णत: नशामुक्त पंचायत आजकल हर युवा नशे की तरफ आकर्षित हो रहा है।जिससे जवानी में ही आपने शारीर ओर परिवार को बरबाद कर रहा है
लगातार बढ़ते जा रहे नशे के कारण शुरू की गई है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र का युवा वर्ग लगातार शराब, व गांजे के नशे की आदत में आता जा रहा है। जिसे रोकने का बीड़ा सरपंच गजेन्द्र ठाकुर ने उठाया है।

यहां बता दें कि जिले की पहली पंचायत होगी जिसने ऐ बीड़ा उठाया है।में ऐसे कई गांव है, जिनमें नशे की बुराई बहुत तेजी से पैर पसारती जा रही है।
महिलाएं खुलकर बोली हमारे घर पर शराब पीकर आते हैं और फिर लड़ाई झगड़ा होता है पूरा मोहल्ला देखा है हमें बुरा लगता है अब हम सरपंच साहब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे शराब पीकर आने वालों को समझाएंगे अगर नहीं माने तो समाज में पंचायत में कोई भी कार्य होंगे उन कार्यों में उनका बहिष्कार किया जाएगा और तीसरी गलती करने पर हम लोग पुलिस को बुलाकर सौंप देंगे शराबी के लिए इस पहल से गांव में भूरी भूरी प्रशंसा हो रही है
नशा मुक्ति के लिए आगे आई पंचायत :
मेहगांव टप्पा के सरपंच गजेन्द्र ठाकुर
रायसेन जिले की ऐसी पहली पंचायत होगी जहां पर सरपंच ने गांव की विकास धरा में एक नई पहल की शुरुआत की है गांव में साफ सफाई गंदगी दूर कर रहे हैं इसके साथ ही आजकल के युवा नशे के प्रति आकर्षित हो रहे हैं ऐसे में गजेंद्र ठाकुर जो सरपंच है उनकी सोच है क्या अगर गांव में नशा मुक्ति पंचायत होगी तो गांव विकास की मुख्य धारा से जुड़ेगा युवाओं की रोजगार में दिमाग चलेगा परिवार में लड़ाई कम होगी लोग बाग नशे को छोड़कर परिवार पर ध्यान देंगे और अपने रोजगार की तरफ आकर्षित होंगे.