दीवानगंज रायसेन से मुकेश साहू
दीवानगंज के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंध के बावजूद भी हो रहे हैं बोर पानी के गिरते जलस्तर को देखते हुए कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे ने जिले में नए बोरिंग खनन पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगाया है। इसके बाबजूद ग्रामीण क्षेत्रों में नए बोर कराए जा रहे हैं। जिनको रोकने में प्रशासन नाकाम हो रहा है। प्रशासन ने बोर उत्खनन पर रोक लगाई है। इसके बाद भी रात के अंधेरे में बोर कराए जा रहे हैं। वहीं रोक लगाने के बाद मशीन संचालक ने बोरिंग के रेट बढ़ा दिए है ।
जिला प्रशासन ने पिछले माह तत्काल प्रभाव से मप्र पेयजल अधिनियम 1986 की धारा के तहत जल प्रदाय सुरक्षित रखकर अबाध रखने के उद्देश्य से सभी तहसीलों को अगली बरसात आने तक या अन्य आदेश तक जल अभावग्रस्त घोषित किया था। यह आदेश लागू होने से कोई भी व्यक्ति प्रशासन की अनुमति के बगैर पेयजल स्रोत का उपयोग सिंचाई साधन अथवा व्यवसायिक उद्देश्य से नहीं कर सकता। इसके साथ ही जल स्रोत हैंडपंप या ट्यूबवेल से 200 मीटर की परिधि में अन्य हैंडपंप या ट्यूबवेल का उत्खनन नहीं कर सकेगा। साथ ही किसी भी निस्तारी तालाब के पानी का उपयोग सिंचाई अथवा व्यवसायिक कार्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। लेकिन यह आदेश शासकीय विभागों के खनित किए जाने वाले नलकूपों के खनन पर लागू नहीं है। विशेष परिस्थिति में एसडीएम की लिखित अनुमति से नलकूप खनन किया जा सकता है। पिछले हफ्ते ही दीवानगंज के पास लगे गांव अंबाड़ी और सेमरा में मैं बोर हुए हैं इसके बावजूद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है मशीन संचालक ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बोर कर रहे हैं ताकि कोई देख ना ले