रामलीला में मेघनाथ वध एवं सती सुलोचना के आकर्षक प्रसंग को देखने के लिए जुटी दर्शकों की भीड़
सी एल गौर रायसेन
ऐतिहासिक रामलीला के चलते रविवार को स्थानीय कलाकारों द्वारा रामलीला मैदान में मेघनाथ वध एवं सती सुलोचना की आकर्षक लीला का मैदानी मंचन किया इस समय का वर्णन नहीं किया जा सकता मेघनाथ की भूमिका आदित्य शुक्ला एवं सती सुलोचना की भूमिका पंडित दुर्गा प्रसाद शर्मा, इन दोनों कलाकारों ने रामलीला का समां बांध दिया और लीला को देखकर दर्शक भी खुश नजर आए। प्रस्तुत की गई लीला के अनुसार लंका पति रावण की आज्ञा अनुसार इंद्रजीत मेघनाथ अपनी धर्मपत्नी सुलोचना के पास जाता है और कहता है कि मैं अब पिता श्री की आज्ञा से रणभूमि में युद्ध करने के लिए जा रहा हूं आप अच्छी तरह से रहना इतनी बात सुनकर सती सुलोचना मेघनाथ को बहुत समझाती है परंतु उसकी समझ में नहीं आता तो सती सुलोचना युद्ध मैदान में जाने के लिए तिलक कर देती है कि नहीं मान रहे तो जाओ इस समय सुलोचना के हाथों से थाली गिर जाती है तो अपशगुन हो जाता है परंतु मेघनाथ अबशगुन को नहीं मानता और चल देता है और रावण, माता मंदोदरी से आज्ञा लेकर युद्ध मैदान में जाने के लिए यज्ञ करता है ।

उधर रामा दल में मेघनाथ के यज्ञ करने की सूचना प्राप्त होती है तो विभीषण जी और हनुमान जी लक्ष्मण जी को लेकर वहां पहुंचते हैं और मेघनाथ का यज्ञ हवन को ध्वस्त कर देते हैं। तभी मेघनाथ गुस्से में आ जाता है और लक्ष्मण जी को ललकारते हुए विभीषण से कहता है कि रिश्ते में तुम मेरे काका जी हो तुमने कुल की नहीं निभाई और रामदल की बात मान रहे हो। इस प्रकार से मेघनाथ ने लक्ष्मण को युद्ध मैदान के लिए ललकारा दोनों ही और से रणभूमि में काफी देर तक युद्ध चलता है मेघनाथ अपनी माया चला कर पूरी शक्ति युद्ध में लगा देता है परंतु सफलता नहीं मिलती तो फिर रावण के पास पहुंचता है रावण भी गुस्सा होता है और पुनः रण मैदान में भेजता है लक्ष्मण जी और मेघनाथ के बीच जमकर युद्ध होता है इस दौरान लक्ष्मण जी मेघनाथ का वध कर देते हैं । इस समय मेघनाथ का शीश राम दल में और हाथ की भुजा सती सुलोचना के आंगन में गिरती है जब सखियां इसकी जानकारी सुलोचना को देती है तो सुलोचना को विश्वास नहीं होता परंतु भुजा पर लिखा जाता है कि यह मेघनाथ की है। इस प्रकार से सुलोचना को विश्वास हो जाता है । इस समय की लीला का वर्णन नहीं किया जा सकता सती सुलोचना के मार्मिक प्रसंग की लीला को सुनकर दर्शकों की आंखों से भी आंसू छलक उठे इसके पश्चात सती सुलोचना लंका पति रावण और मंदोदरी के पास पहुंचती है और रामा दल में जाने के लिए अनुमति मांगती है, रामलीला में इस आकर्षक प्रसंग की लीला को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक रामलीला मैदान में मौजूद रहे। सोमवार को रामलीला में अहिरावण वध प्रसंग की लीला का मंचन किया जाएगा।
रावण वध का मुख्य कार्यक्रम 11 जनवरी को होगा, मुख्य अतिथि होंगे केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान
रामलीला समिति के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूर्व में रावण वध का मुख्य कार्यक्रम 8 जनवरी को रखा गया था परंतु बीच में बारिश होने के कारण एवं व्यापारियों की मांग पर अब रावण वध का मुख्य कार्यक्रम 11 जनवरी को संपन्न होगा। उक्त आशय की जानकारी देते हुए रामलीला मेला समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी एवं मीडिया प्रभारी सी एल गौर ने बताया कि रामलीला में रावण वध के मुख्य कार्यक्रम में इस बार क्षेत्र के सांसद मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में भारत सरकार में कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे।